नाबालिग से दरिंदगी के दोषी को भरतपुर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-02 के जज ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी ने नाबालिग के घर में घुसकर उसका रेप किया था, जब नाबालिग ने विरोध किया तो, आरोपी ने उसकी कनपटी पर देसी कट्टा तान दिया था। रात डेढ़ बजे घर में घुसा था आरोपी लोक अभियोजक चंद्रकिशोर भारद्वाज ने बताया कि 17 सितंबर 2025 को एक व्यक्ति ने थाने में FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि देर रात मेरी 15 साल की बेटी कमरे में अकेले सो रही थी। रात करीब डेढ़ बजे सागर नाम का युवक उसके घर में घुस आया। सागर नाबालिग के कमरे में गया और उसने नाबालिग के साथ रेप करने की कोशिश की। जब नाबालिग ने विरोध किया तो, सागर ने उसकी कनपटी पर कट्टा तान दिया और उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ रेप किया। नाबालिग के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके परिजन उसके कमरे में गए तो सागर कमरे था। 10 साल की सजा, 55 हजार का जुर्माना लगाया नाबालिग ने परिजनों को सारी घटना बताई, लेकिन कमरे में मौजूद आरोपी फरार हो गया। सुबह नाबालिग के पिता ने थाने में जाकर FIR दर्ज करवाई। मामला कोर्ट में गया। आज पॉक्सो कोर्ट संख्या-02 के विशिष्ठ न्यायाधीश सचिन गुप्ता ने आरोपी को 10 साल की सजा और 55 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।