अलवर के ADJ कोर्ट नंबर-1 के न्यायाधीश धीरज शर्मा ने अवैध हथियार बनाने, उनकी सप्लाई करने और पुलिस पर फायरिंग करने के मामले में तीन आरोपियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। सरकारी वकील नवनीत तिवाडी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2016 को नौगांव थाना के तत्कालीन SHO शिवराम गुर्जर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मूनपुर करमला के जंगलों में अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा है और बड़ी मात्रा में हथियार तैयार कर सप्लाई किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को वर्दी में देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। कुछ देर की कार्रवाई के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। मौके से दो देशी कट्टे और चार जिंदा कारतूस आरोपियों के पास से बरामद किए गए। इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जैसे धौंकनी, नाल, ड्रिल मशीन, बट बनाने के टुकड़े, संडासी, शिकंजा मशीन, हथौड़ी, आरी, छेनी सहित अन्य सामान भी जब्त किया गया। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में अवैध हथियार भी बरामद किए, जिनमें 32 बोर की तीन पिस्टल, 12 बोर की पोना दुनाली और सिंगल नाली बंदूकें, 315 बोर की डबल बैरल और सिंगल बैरल बंदूकें, एक 12 बोर का देसी कट्टा, 315 बोर के 9 कट्टे, 35 बोर के 21 कारतूस और 12 बोर के 5 कारतूस शामिल हैं। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया, जिसके करीब 10 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने साहुन पुत्र इनायत (32) निवासी लहचोड़ी गोवर्धन, शाकिर पुत्र सम्मी (35) निवासी नंदेरा बास कामा और हनफा पुत्र चंदू (60) निवासी हातिया बरसाना को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।