अलवर के जिला एवं सत्र न्यायालय (डीजे कोर्ट) को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह अदालती परिसर में हड़कंप मच गया। यह धमकी कोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर तमिल भाषा में भेजे गए एक मेल के जरिए दी गई। मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में 6 जिलेटिन बम लगाए गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा मेल रविवार रात को ही कोर्ट की ईमेल आईडी पर आ गया था। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे जब अदालती कामकाज के लिए ऑफिस खुला, तब कर्मचारियों की नजर इस मेल पर पड़ी। मेल की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अलवर पुलिस अधीक्षक (SP) को मामले की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया। डॉग स्क्वायड-पुलिस ने खंगाला ऐतिहासिक महल परिसर धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। ऐतिहासिक महल परिसर स्थित डीजे कोर्ट सहित पूरे अदालती परिसर को खाली करवाकर चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली गई। करीब दो घंटे तक चली कड़ी जांच के बाद पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला। तलाशी पूरी होने और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही कोर्ट में विधिवत रूप से कामकाज दोबारा शुरू किया जा सका। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से मेल भेजने वाले शातिर की तलाश कर रही है। मेल में क्या लिखा? 'दुर्गा स्टालिन ने कराया पैगंबर का अपमान' डीजे कोर्ट में 6 जिलेटिन बम लगाए गए हैं। हमारा मकसद जनहानि (लोगों की जान लेना) करना नहीं है, बल्कि केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना है। दुर्गा स्टालिन ने शिया मुसलमानों के जरिए पैगंबर मोहम्मद साहब का अपमान कराया है, इसीलिए बम लगाकर डीजे कोर्ट को उड़ाया जाएगा। हम पहले सूचना इसलिए दे रहे हैं ताकि कोई मारा न जाए। राजस्थान के 4 शहरों में इसी तरह की धमकी शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह केवल अलवर तक सीमित नहीं था। जयपुर और अलवर सहित प्रदेश के कुल 4 प्रमुख स्थानों पर लगभग एक जैसे ही धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। अलवर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर के डाक विभाग और मिनी सचिवालय जैसी महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। बार-बार मिलने वाली इन फर्जी धमकियों के कारण पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का काफी समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।