बाड़मेर जिले में शनिवार को इस मानसून सीजन में एक दिन में सबसे अधिक औसत 32 मिमी बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक 90 मिमी बारिश सेड़वा में हुई, जबकि सबसे कम 2 मिमी वर्षा बाड़मेर शहर में दर्ज की गई। जिले में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। सेड़वा इलाके में कई घरों में पानी घुस गया। रामसर के राजकीय बालिका विद्यालय, अभे का पार में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया, जिसके चलते छात्राओं को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। वहीं बींजासर, गुमाने का तला सहित अनेक स्थानों पर जलभराव हो गया। चौहटन के पहाड़ी इलाकों में झरने भी बहने लगे हैं। दरअसल, बाड़मेर जिले में लगातार चौथे दिन मानसून सक्रिय है। लगातार बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। शनिवार सुबह से सेड़वा, रामसर, चौहटन, नोखड़ा, बाटाडू और बायतु क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई। लगातार वर्षा से गांवों में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। सेड़वा के सलारिया गांव में एक घर में पानी घुसने से पूरा मकान जलमग्न हो गया, जिससे किसान को नुकसान भी हुआ। रामसर के बालिका स्कूल में भरा पानी स्थानीय निवासी रहमान खान नोहड़ी ने बताया कि राजकीय अल्पसंख्यक आवासीय बालिका विद्यालय, अभे का पार का पूरा परिसर पानी से भर गया है। चारों ओर पानी ही पानी है और निकासी की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। विद्यालय में 200 छात्राएं पढ़ती हैं। ठेकेदार को सूचना देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। बॉर्डर के गांव बींजासर में जलभराव बींजासर निवासी जुंझाराम सियोल ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया। गांव के कुछ घरों में भी पानी घुस गया और कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। चौहटन क्षेत्र में सड़कें क्षतिग्रस्त ग्रामीणों ने बताया कि भारी बारिश के कारण कई राजस्व गांवों को जोड़ने वाली गुमाने का तला-भारे का तला सड़क टूट गई। इसके अलावा चौहटन आगौर पंचायत के अंबेडकर नगर और राजीव नगर में भी कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इधर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। एसडीएम विकास शर्मा, डीएसपी जेठाराम जयपाल, तहसीलदार वीरमाराम और सेड़वा तहसीलदार भूपेंद्र सेजू पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यह आंकड़े सुबह 8 बजे से शाम 5 तक के है।