अलवर में बेटी की दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाते हुए पिता ने कोर्ट की शरण ली है। पिता का आरोप है कि बेटी के ससुराल वालों ने दो लाख नकद और बाइक की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे प्रताड़ित कर मार दिया गया। मामला विजय मंदिर थाना क्षेत्र का है। शादी के बाद दहेज के लिए किया परेशान हाजीपुर लपाला निवासी कालूराम ने कोर्ट में पेश रिपोर्ट में बताया कि उनकी बेटी रोशनी की शादी साल 2017 में विजय मंदिर थाना क्षेत्र के धोकड़ी गांव निवासी वीर सिंह से हुई थी। शादी में अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया गया था। शादी के बाद बेटी का पति वीर सिंह, ससुर राम सिंह, जेठ देवीराम और देवर हेमू लगातार दहेज में दो लाख रुपए नकद और एक बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर बेटी के साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। बेटी के शरीर पर थे चोट के निशान परिवाद के अनुसार- 27 मई 2026 को दामाद वीर सिंह ने फोन कर बेटी को ले जाने की बात कही और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परिवादी ने अपने बेटे मुकेश को धोकड़ी गांव भेजा। आरोप है कि वहां रोशनी एक कमरे में बेहोश मिली। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और कान, नाक व मुंह से खून निकल रहा था। रोशनी ने अपने भाई को बताया कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसके पति, ससुर, जेठ और देवर ने लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की है। बिना पोस्टमार्टम करवाए अंतिम संस्कार करने का आरोप परिवाद में कहा गया है कि गांव के एक युवक की मदद से रोशनी को हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष ने बिना मायके पक्ष की सहमति और पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया। शोकाकुल पिता और भाई से दबाव बनाकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया। अब परिवादी ने कोर्ट इस्तगासे के जरिये पुलिस थाना विजय मंदिर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई हैं।