कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में राजमेस CSR-2022 रोस्टर नियमों की अनदेखी से नाराज नर्सेज ग्रेड 2 कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज नर्सिंग कर्मियों ने कहा- जब तक प्रशासन की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने शुक्रवार दोपहर को मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में धरना दिया। उन्हाेंने कहा- हमें डराया-धमकाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में जहां रोस्टर नियम पालना की जा रही है। सिर्फ कोटा में ही अनदेखी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमारी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन जारी रहेगा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। नर्सेज के प्रदर्शन की देखें PHOTOS कर्मचारी बोले- मानसिक दबाव बढ़ रहा कर्मचारियों के अनुसार- सीएसआर 2022 के दिशा-निर्देशों के अनुसार कर्मचारियों को हर महीने 7 डे-ऑफ मिलने चाहिए। वर्तमान में केवल 4 से 5 डे-ऑफ ही दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, नियम विरुद्ध एक ही महीने में कर्मियों की दो-दो बार नाइट शिफ्ट लगाई जा रही है। लगातार हो रही नियमों की अनदेखी के कारण नर्सेज पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को भी पहले ज्ञापन सौंपे गए थे, लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया- 23 जुलाई से कार्य बहिष्कार शुरू किया गया था। मरीजों की सुरक्षा और वैकल्पिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शुरुआती दौर में सीमित सेवाएं दी थी, लेकिन हमारी मांग नहीं मानी गई। ऐसे में दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी है। कर्मचारी दूसरे दिन कॉरिडोर में बैठ गए। इसके बाद यहां से मेडिकल कॉलेज पहुंचे और प्रशासनिक ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। हॉस्पिटल प्रशासन और नर्सिंग अधीक्षक से अपील की है कि वे उनकी उचित मांगों का समर्थन करें। उच्च प्रशासन के सामने उनका पक्ष रखकर, इस समस्या का जल्द समाधान करवाएं। कर्मचारियों ने कहा- जब तक हमारी मांगों पर ठोस लिखित कार्रवाई नहीं होती, हमारा बहिष्कार समाप्त नहीं होगा।