राजस्थान में एनर्जी ड्रिंक के नाम पर बेची जा रही 'स्टिंग', 'रेड बुल' पर स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। राजधानी जयपुर सहित अलवर, कोटा और बीकानेर से 4 दिन में 1 लाख 34 हजार बोतल-कैन जब्त किए गए हैं। विभाग के अनुसार- ये कैफीनेटेड ड्रिंक हैं, जिसे एनर्जी ड्रिंक बताकर बेचा जा रहा है। विभाग के अनुसार- युवाओं की ओर से आजकल इन एनर्जी ड्रिंक का ज्यादा उपयोग किया जाता है। इससे उन्हें उनकी हेल्थ पर गलत असर पड़ने की संभावना है। अलवर जिले में 'स्टिंग' (Sting) एनर्जी ड्रिंक की करीब 92 हजार बोतलें और केन बुधवार को सीज की गईं। सीएमएचओ अलवर की फूड सेफ्टी टीम ने मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र (MIA) स्थित पेप्सी बनाने वाली कंपनी 'वरुण बेवरेजेस लिमिटेड' के गोदाम (प्लॉट नंबर 208) पर छापा मारा। गोदाम से 250 ML की करीब 62 हजार बोतलें और 180 ML की करीब 30 हजार 200 केन सीज किए गए। अलवर में पहली बार किसी एनर्जी ड्रिंक ब्रांड पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। टीम ने मौके से सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए हैं। विभाग के अनुसार- एनर्जी ड्रिंक पर लिखी जानकारी भ्रामक है। इसकी रिपोर्ट 14 दिनों में आएगी। बता दें कि इन एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा अधिक होती है। गर्भवती महिला, लेक्टेटिंग मदर और बच्चों के लिए यह नुकसानदायक हो सकती है। डिब्बे और बोतल पर लिखी जानकारी गुमराह करने वाली फूड सेफ्टी ऑफिसर विश्वबंधु गुप्ता ने बताया- विभाग को शिकायत मिली थी कि इस एनर्जी ड्रिंक की पैकिंग पर केफेनेटेड बेवरेज स्टिंग एनर्जी लिखा है। इस पर स्टीमूलेट्स माइंड, एर्नजाइजेस बॉडी, सेम ग्रेट टेस्ट आदि भ्रामक सूचनाओं की शिकायत है। इसी शिकायत के आधार पर तुरंत एक्शन लेते हुए गोदाम में मौजूद स्टॉक को सीज किया गया। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। मेवात क्षेत्र में सबसे ज्यादा खपत, रोजाना हजारों की बिक्री अलवर जिले और खासकर मेवात क्षेत्र में इन दिनों एनर्जी ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ी है। युवाओं के बीच इसके बढ़ते क्रेज के कारण रोजाना हजारों की संख्या में इसकी खपत हो रही है। बाजार में कई कंपनियों की एनर्जी ड्रिंक धड़ल्ले से बिक रही हैं। इसके चलते अब विभाग अलर्ट मोड पर है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में फूड सेफ्टी ऑफिसर विश्वबंधु गुप्ता, जयसिंह यादव और अशोक लखेरा सहित विभाग के अन्य सदस्य मौजूद थे। टीम ने कहा- मिलावटखोरों और भ्रामक जानकारी देकर सामान बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। कोटा: अधिकारी बोले- गलत प्रचार किया जा रहा कोटा में खाद्य विभाग की टीम ने मंगलवार को स्टिंग एनर्जी ड्रिंक और एड्रीनलीन रश एनर्जी ड्रिंक के खिलाफ कार्रवाई की थी। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें एनर्जी ड्रिंग बताकर बेचा जा रहा है। जो गलत प्रचार की श्रेणी में आता है। ये कैफीनेटेड ड्रिंक हैं। यह कार्रवाई चम्बल इंडस्ट्रियल एरिया में एक संस्थान से कैफेनेटेड बेवरेज स्टिंग एनर्जी रेड और येलो के 9570 और एड्रीनलीन रश एनर्जी ड्रिंक के 3840 समेत कुल 13,410 बोतलें/कैन सीज किए थे। बीकानेर: कोल्ड ड्रिंक 'रेड बुल' के 608 कैन सीज बीकानेर के रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित मैसर्स बोथरा एंड संस के गोदाम से मंगलवार को रेड बुल ड्रिंक के 608 कैन सीज किए गए। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कैफिनेटेड बेवरेज रेड बुल के नमूने लिए गए। विभाग के अनुसार- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इन कैफिनेटेड बेवरेज के लेबल पर स्टिम्युलेट्स माइंड, एनर्जाइज बॉडी, एनर्जी ड्रिंक या स्पोर्ट्स ड्रिंक जैसे दावों का उल्लेख गलत प्रचार की श्रेणी में माना है। इन अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थ से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों के हेल्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जयपुर: स्टिंग एनर्जी के गोदाम से 32 हजार 292 बोतलें सीज फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की सेंट्रल टीम ने जयपुर में मैसर्स अंजली इंटरप्राइजेज पद्मावती कॉलोनी निर्माण नगर पर “स्टिंग एनर्जी” कैफिनेटेड बेवरेज स्टॉक 5 जुलाई को जब्त किया। यहां से 32 हजार 292 स्टिंग एनर्जी ड्रिंक बोतलें सीज की गई थीं।