अलवर में तीन नकाबपोश बदमाशों ने शनिवार सुबह करीब 6 बजे जीएसटी विभाग अलवर में कार्यरत असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर में घुसकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने करीब डेढ़ घंटे तक असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे प्रिंस की कनपटी पर कट्टा लगा दिया। उनके साथ मारपीट भी की। बदमाशेां ने बेटे के सिर पर बैट मार दिया। जिससे हल्के खून भी आए हैं। वारदात के बाद पूरा परिवार सदमे में है। घटना का पता चलने के कुछ देर बाद ही सदर थाने के एसएचओ सहित टीम पहुंच गई। अब बदमाशों का पता लगाने के लिए पुलिस जुटी है। घर से करीब 20 तोला सोने के जेवर ले गए। नकदी करीब 30 से 40 हजार रुपए ही थे। जीएसटी कमिश्रन ओमप्रकाश ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे के आसपास पत्नी के जगाने पर दूध लाने के लिए उठा। जैसे ही बाहर के बाथरूम में घुसा। छत से एक नकाबपोश बदमाश ने आकर उसकी कनपटी पर कट्टा लगा दिया। दो बदमाश घर में घुस गए। एक ने कमिश्नर की पत्नी उर्मिला के कनपटी पर कट्टा लगा दिया। पत्नी के चिल्लाने पर करीब 13 साल का बेटा बचाने आया। जो आते ही एक बार बदमाशों से भिड़ गया। लेकिन उसके सिर पर बैट मारा। दो जनों ने उसे दबोच लिया। उसके बाद सबके हाथ पैर बांध दिए। तीनों के साथ मारपीट की। घर में 8 साल की बेटी नव्या भी थी। जो उस समय सो रही थी। सबको बंधक बनाने के बाद मारपीट करने लगा। पूरे घर को छान लिया। पीछे के कमरे की अलमारी की चाबी लेकर उसमें रखा करीब 20 तोला सोने चांदी के जेवरन ले गए। उर्मिला के कान के कुंडल निकलवाए और पैरों के पायजेब भी ले गए। बीच-बीच में मारपीट करते रहे। एक बार तो असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी से रेप करने की धमकी दी। लेकिन पत्नी ने रोते हुए कहा कि वह बीमार है। ऐसा मत कीजिए। छोटी बेटी पर भी गंदी नजर रही। उसी बीच में स्कूल बस आ गई यह घटनाक्रम सुबह 6 से 7 बजे के बीच का है। उसी बीच बच्चे को लेकन स्कूल बस आ गई। जिसने हॉर्न बजाया तो एक बदमाश ने जाकर मना कर दिया कि आज स्कूल नहीं जाएंगे। करीब सवा 7 बजे बदमाशों ने पूरा गहना लूट लिया उसके बाद सबको बांधकर निलक गए। उसके बाद असिस्टेंट कमिश्नर ने मशक्कत कर हाथ पैर खाेले। फिर पड़ौसियों को सूचना दी। उसके बाद पुलिस को अवगत कराया। अब पुलिस आसपास के सीसीटीवी खंगाल कर मामले की जांच में लगी है। बगल में नगर निगम के कमिश्नर का मकान जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के पीछे नगर निगम के कमिश्नर सोहन सिंह नरूका का मकान है। जिसमें दो कमरे बने हुए है। कोई रहता नहीं र्है। कॉलोनी के लोगों का मानना है कि बदमाश रात को ही असिस्टेंट कमिश्नर के घर की छत पर बगल के मकान के ऊपर से आए। फिर ऊपर की मंजिल पर आराम करते रहे। सुबह जब नीचे का गेट खुला तो परिवार को बंधक बनाया, सबके साथ पिटाई की और गेट कूदकर निकल गए। जबकि सुबह 6 बजे के आसपास काफी लोग घूमते हैं। लेकिन किसी को आभास नहीं हुआ। किचन में आम खाए, चाय बनाने का बोला बदमाशों ने किचन जाकर आम खाए हैं। उसके बाद असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी को चाय बनाने के लिए कहा। लेकिन दूध नहीं था। पत्नी को बार-बार धमकाते रहे।