अलवर शहर में टेल्को चौराहे के पास शालीमार योजना में जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर हुई लूट के 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर मारपीट की थी। इस दौरान बदमाश 15 से 20 तोला सोने के जेवर लूट ले गए थे। पुलिस का दावा है कि 5 दिनों में 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए हैं, लेकिन अभी तक बदमाशों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। हालांकि, अधिकारी जल्द खुलासे का दावा कर रहे हैं। जीएसटी के सहायक कमिश्नर ओमप्रकाश का कहना है कि रात को भी कोई पुलिस सुरक्षा नहीं है। अभी पूरा परिवार डरा हुआ है। डर के कारण अपने मेहमानों को बुला लेते हैं। अभी हमारी कोई सुरक्षा नहीं है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार से बराबर मिल रहे हैं। उनका पूरा ख्याल रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। चकमा देने के लिए बदले रास्ते सूत्रों के अनुसार बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया था। भागने के लिए ऐसे रास्तों का इस्तेमाल किया गया जहां पुलिस को गच्चा (मिसगाइड) दिया जा सके। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनके हाथ कुछ अहम सबूत लगे हैं और टीमें अपराधियों के बेहद करीब है। 'मारने की धमकी दी थी...' दहशत में कमिश्नर का परिवार वारदात के बाद अब ओमप्रकाश के बेटा-बेटी स्कूल तो जाने लगे हैं, लेकिन बदमाशों के न पकड़े जाने से पूरा परिवार खौफ में है। पीड़ित असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया पुलिस जांच तो कर रही है, लेकिन वारदात के वक्त बदमाशों ने हमें जान से मारने की धमकी दी थी। जब तक वे पकड़े नहीं जाते, परिवार में डर का माहौल है जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के घर लूट:परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, बचाने आए बेटे का सिर फोड़ा; बदमाशों ने आम भी खाए