अलवर के जगन्नाथजी मंदिर से भगवान जगन्नाथ बारात लेकर निकले हैं। भगवान को दुबई से आई पोशाक धारण करवाकर और दूल्हे के रूप में शृंगार किया गया। इसके बाद महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। महाआरती के बाद भगवान को रथ तक लाया गया। गाजे-बाजे के साथ इंद्र विमान (रथ) पर सवार किया गया। भगवान जगन्नाथजी अपने भक्तों के साथ माता जानकी को ब्याहने रूपबास के लिए रवाना हुए हैं। मंदिर में अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला व एसपी सुधीर चौधरी सहित कई अधिकारी पहुंचे। भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा के दौरान शहर के लगभग 52 प्रमुख मंदिरों पर भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए यात्रा मार्ग में पड़ने वाले इन सभी मंदिरों के सामने भगवान के रथ को कुछ समय के लिए रोका जाएगा। इस दौरान मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों द्वारा भगवान का स्वागत किया जाएगा तथा विधि-विधान से आरती व पूजा की जाएगी। अलवर के प्रसिद्ध जगन्नाथ मेले और रथ यात्रा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एडीशनल एसपी दीपक कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए शहर में करीब 350 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पूरी यात्रा के दौरान पुलिस चप्पे-चप्पे पर अपनी नजर रखेगी। इसके अलावा, मेले में भीड़ का फायदा उठाने वाले जेबकतरों और असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। 14 घंटे तक चलेगी यात्रा शहर के सुभाष चौक स्थित मंदिर से निकलने वाली रथ यात्रा करीब 6 किलोमीटर की दूरी तय कर रूपबास पहुंचेगी। यह यात्रा लगभग 14 घंटे तक चलेगी। पूरी रात हजारों श्रद्धालु भगवान के रथ के साथ भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच पैदल चलते हैं। रास्ते में पड़ने वाले सभी प्रमुख मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत करेंगे। बारात मार्ग पर शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह प्याऊ, भंडारे और श्रद्धालुओं के लिए अन्य व्यवस्था की हैं। शाम होते-होते प्रमुख चौराहों और मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। भगवान के दर्शन के लिए हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। बारिश से मौसम हुआ सुहावना सुबह से हो रही बारिश ने पूरे अलवर का मौसम सुहावना बना दिया है। लगातार बरसात के कारण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है। ठंडे मौसम के बीच निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य बारात को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया है।