कॉलेजों प्राचार्यों के तबादलों में पिछले दो दिनों से एक सिंगल तबादला आदेश की चर्चा अलवर से जयपुर तक है। महज 12 घंटे के भीतर एक प्रिंसिपल का तबादला आदेश न सिर्फ बदला, बल्कि शाम ढलते-ढलते उन्होंने नई कुर्सी पर जॉइनिंग भी कर ली। कॉलेज शिक्षा जगत में रातभर इस 'सुपरफास्ट' सिंगल ऑर्डर और दिल्ली कनेक्शन की चर्चा रही। सुबह 14 प्राचार्यों की लिस्ट और शाम को सिंगल ऑर्डर उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार सुबह 14 कॉलेज प्रिंसिपलों की एक ट्रांसफर लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में जीडी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मंजू यादव को कॉमर्स कॉलेज भेजा गया। वहीं कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सत्यभान यादव को गोविंदगढ़ राजकीय कॉलेज लगाने का आदेश हुआ। आदेश जारी होते ही कॉलेज टीचरों के संगठनों और लॉबी में गुणा-भाग शुरू हो गया। शाम को गोविंदगढ़ के बजाय जीडी कॉलेज में एंट्री असली ट्विस्ट शाम साढ़े पांच बजे आया। जब तक लोग सुबह की लिस्ट का विश्लेषण कर पाते, तब तक डॉ. सत्यभान यादव गोविंदगढ़ जाने के बजाय सीधे जीडी कॉलेज पहुंच गए। उनके हाथ में विभाग का एक नया ‘सिंगल तबादला ऑर्डर’ था, जिसमें उन्हें गोविंदगढ़ की जगह जीडी कॉलेज का प्रिंसिपल नियुक्त किया गया था। डॉ. यादव ने आनन-फानन में स्टाफ को बुलवाया और शाम को ही प्रिंसिपल पद का कार्यभार भी संभाल लिया। 'दिल्ली दरबार' से बजी घंटी! शिक्षा विभाग में इतनी तेजी से हुए इस संशोधन को लेकर अंदरखाने की चर्चाएं गर्म हैं। सूत्रों का दावा है कि डॉ. यादव का तबादला गोविंदगढ़ होने के तुरंत बाद सियासी गलियारे सक्रिय हो गए थे। मामला सीधे दिल्ली तक पहुंचा और वहां से आई एक 'मजबूत सिफारिश' के बाद सचिवालय में फाइल पलटी। इसका नतीजा रहा कि महज 12 घंटे में सिंगल ऑर्डर जारी कराकर डॉ. यादव ने अलवर शहर के जीडी कॉलेज में कुर्सी संभाली।