अलवर शहर में काली मोरी अंडरपास बनाने के लिए 10 मई के दिन 8 घंटे का रेलवे से ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान 15 से 20 बड़ी मशीनों के जरिए 100 से ज्यादा मजदूर और कर्मचारी जुटेंगे। पटरी के नीचे का काम 8 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा। इस बीच जयपुर से दिल्ली और दिल्ली से जयपुर के बीच ट्रेनों की पूर्ण रूप से आवाजाही नहीं रहेगी। अब इस अंडरपास की लागत करीब 4.47 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। पहले करीब 3 करोड़ रुपए से कम लागत थी। पूरे अंडरपास को बनने में 3 महीने लगेंगे। अंडरपास बना रहे ठेकेदार संजय जैन, संदीप चौधरी व यश जैन ने बताया कि 10 मई के दिन रेलवे पटरी के अंदर के हिस्से का पूरा काम हो जाएगा। करीब 3 मीटर गहरा अंडरपास होगा। 5 मीटर चौड़ा और 16 मीटर लंबा होगा। इसके आगे का हिस्सा यू आकार में बनाया जाएगा। सीमेंट के ब्लॉक बनकर तैयार पिछले कई दिनों से अंडरपास के काम की तैयारी जोर-शोर पर है। अंडर पास में लगने वाले सीमेंट के ब्लॉक बनकर तैयार हैं, जिनको पटरी के पास रख दिया है। दोनों तरफ लोहे के बड़े गटर लगा दिए गए हैं। अब 10 मई को युद्ध स्तर पर काम कर 8 घंटे में 3 मीटर गहरा अंडर पास तैयार कर वापस ट्रेनों का संचालन सुचारू किया जाएगा। उसके बाद दोनों तरफ यू आकार में बन रहे अंडर पास के शेष काम को पूरा किया जाएगा। यहां काम कर रहे कांट्रेक्टर संदीप चौधरी ने बताया कि करीब 2 से 3 महीने में अंडर पास को चालू कर दिया जाएगा। कई हजार परिवारों को फायदा, 2022 से इंतजार कालीमोरी रेलवे अंडरपास बनने से कई हजार परिवारों को फायदा होगा, जिनको 2022 से अंडरपास का इंतजार था। अंडरपास की मांग करीब 15 सालों से चली आ रही थी। 2022 में अंडर पास मंजूर होकर टेंडर किया गया था लेकिन बाद में काम अटक गया था। इस अंडरपास के बनने से शहर की अल्कापुरी, बैंक कॉलोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, मोती नगर, हीराबास आदि कॉलोनियों के हजारों परिवारों को सीधा फायदा होगा। जिनको अब तक ओवरब्रिज के ऊपर से घूमकर वापस आना पड़ता था। इसके अलावा जयपुर डिस्कॉम ऑफिस, औद्योगिक इकाइयों एवं आईटीआई व पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों को भी राहत मिलेगी। अंडरपास बनने से दो किलोमीटर की दूरी घटकर 200 मीटर रह जाएगी। पहले 3 करोड़ से कम में बनता कालीमोरी फाटक पर आरयूबी के निर्माण के लिए पहले 3 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। कार्य शुरू होने के बाद रेलवे, पीडब्ल्यूडी व बिजली निगम ने निर्माण कार्य के लिए 1.47 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की मांग की थी। अब कालीमोरी आरयूबी 4.47 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा। पीडब्ल्यूडी को जून 2022 में अंडरपास का काम शुरू कर उसी साल दिसंबर तक इसे पूरा करना था। लेकिन काम शुरू होने के कुछ महीने बाद ही बंद हो गया था।