अलवर कृषि उपज मंडी में पिछले कुछ समय से सुस्त चल रहे सरसों के बाजार में अचानक जोरदार तेजी लौट आई है। विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और स्थानीय स्तर पर घटती आवक के कारण मात्र एक सप्ताह के भीतर सरसों के दामों में 260 प्रति क्विंटल का उछाल आया है। इस तेजी के बाद अलवर मंडी में सरसों के भाव इस सीजन के अपने उच्चतम करीब 7900 से 8000 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गए हैं। जबकि एक सप्ताह पहले 7650 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास भाव थे। क्यों आई बाजार में ये अचानक तेजी? मंडी के वरिष्ठ व्यापारी रामावतार गुप्ता ने बताया कि पिछले सप्ताह तक बाजार में मंदी का माहौल था और भाव 7,650 पर टिके हुए थे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेलों के बाजारों में आई तेजी ने घरेलू बाजार का रुख बदल दिया। इन दिनों मंडी में प्रतिदिन महज 4,000 से 5,000 कट्टों की आवक है, जो इस सीजन के लिहाज से काफी कम है। मांग के मुकाबले सप्लाई घटने से कीमतों को सीधा सपोर्ट मिला है।" क्या ₹8000 के पार जाएगी सरसों? मंडी विश्लेषकों और व्यापारियों का मानना है कि यदि विदेशी बाजारों में तेजी का यह दौर जारी रहा और मंडियों में सरसों की आवक नहीं बढ़ी, तो आने वाले दिनों में दाम 8,000 प्रति क्विंटल को पार कर सकते हैं। सरसों की इस छलांग का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की रसोई पर दिखने लगेगा। मंडी में दाम बढ़ने से कच्ची घानी सरसों तेल की कीमतों में भी तेजी आना शुरू हो गई है।