प्लॉट के बदले रुपए लेने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराने का मामला सामने आया है। मोबाइल की दुकान चलाने वाले का कहना है कि प्रॉपटी डीलर ने प्लॉट के एग्रीमेंट कर 63 लाख रुपए ले लिए लेकिन रजिस्ट्री कराने से मना कर दिया। जब रुपए वापस मांगे तो लौटाने से मना कर दिया। अब दुकानदार ने प्रॉपर्टी डीलर समेत 5 जनों के खिलाफ अलवर के ततारपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं प्रॉपर्टी डीलर का कहना है कि कारोबारी ने समय पर पैसा नहीं दिया। 2024 में हुआ था सौदा, स्टे का बहाना बनाकर बढ़ाया समय अरावली विहार थाना क्षेत्र में अशोका टॉकीज के पास मोबाइल की दुकान चलाने वाले काला कुआं निवासी मोहित कुमार जैन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने साल 2024 में ततारपुर चौराहे पर स्थित 5 प्लॉट का सौदा छैल बिहारी किराड़ नाम के व्यक्ति से किया था। सौदे के तहत मोहित ने आरोपी छैल बिहारी को कुल 63 लाख रुपए दे दिए और दोनों के बीच एग्रीमेंट (इकरारनामा) भी हो गया। जब रजिस्ट्री कराने का समय आया, तो आरोपी छैल बिहारी ने नया पेंच फंसा दिया। उसने मोहित को बताया कि इस जमीन पर कोर्ट से 'स्टे' (स्थगन आदेश) आया हुआ है, जो कि उसके और उसके पार्टनर के बीच आपसी विवाद के कारण लगा है। इसके बाद आरोपी ने झांसा देकर एग्रीमेंट की अवधि को तीन महीने के लिए और आगे बढ़ा दिया। अब न जमीन दे रहा, न पैसे लौटा रहा मोहित जैन का आरोप है कि एग्रीमेंट का समय पूरा होने के बाद भी छैल बिहारी रजिस्ट्री करने से साफ मुकर रहा है। जब उससे रुपए वापस मांगे गए, तो वह उलटा सीधा बोलने लगा जो चाहे वो करे। अभी पैसे नहीं मिलेंगे। वहीं प्रॉपर्टी डीलर का कहना है कि मोहित ने समय पर पैसा नहीं दिया। हम रजिस्ट्री कराने को तैयार थे। अब भी ये पूरा पैसा जमा कराएं तो रजिस्ट्री करा देंगे। इनकी केवल 10 प्रतिशत राशि प्राप्त हुई है। जानबूझकर किसी की छवि खराब करना सही नहीं है।