अलवर शहर के टेल्को चौराहे के पास स्थित हरीश हॉस्पिटल में बुधवार को अत्याधुनिक ब्लड बैंक का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन के दौरान वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि हरीश हॉस्पिटल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में यह बड़ा नवाचार किया है। अब जिले में किसी भी व्यक्ति के जन्मदिन, सालगिरह या किसी अन्य खास मौके पर अगर परिवार का कोई सदस्य रक्तदान करना चाहता है, तो हॉस्पिटल से विशेष 'ब्लड डोनेशन वेन' और मेडिकल स्टाफ सीधे उनके घर पहुंचेगा। यानी महज एक यूनिट ब्लड डोनेट करने के लिए भी वेन को घर बुलाया जा सकेगा। अलवर के जिला अस्पताल में दूर-दराज से गरीब मरीज आते हैं। ऐसे में हरीश हॉस्पिटल में इस ब्लड बैंक का खुलना और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में चौथे सेशन का चलना जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में मील का पत्थर साबित होगा। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, इस ब्लड बैंक में ऐसी अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं जो अलवर में पहली बार आई हैं। डॉ दीपेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में ऐसी एडवांस मशीनें लगाई गई हैं जिससे प्लाज्मा के लिए ब्लड ग्रुप को 'चेंज' या एडजस्ट किया जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर 'बी पॉजिटिव' ग्रुप का खून है, तो उसके प्लाज्मा को प्रोसेस करके दूसरे ब्लड ग्रुप के मरीज के लिए भी इस्तेमाल में लिया जा सकेगा। थैलीसीमिया मरीजों को फ्री खून डॉ. लवेश गुप्ता ने बताया कि थैलीसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मासूमों और मरीजों को इस ब्लड बैंक से पूरी तरह निशुल्क ब्लड और प्लेटलेट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। डॉ. दीपेश गुप्ता ने बताया कि अक्सर ब्लड डोनेशन के दौरान डोनर को लंबा इंतजार करना पड़ता था। पुरानी पारंपरिक मशीनों में प्लाज्मा और प्लेटलेट्स अलग करने में 2 घंटे का समय लगता था, लेकिन यहां लगी अत्याधुनिक मशीनों की बदौलत अब यह काम मात्र 40 मिनट में हो जाएगा। इससे डोनर का समय बचेगा और उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। कैंसर की जांच और सस्ता इलाज भी उपलब्ध हरीश हॉस्पिटल के डॉ. हरीश गुप्ता ने बताया कि ब्लड बैंक के साथ-साथ अब अस्पताल में कैंसर की जांच की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए बेहद आधुनिक मशीनें इंस्टॉल की गई हैं, जहां जांचें शुरू हो चुकी हैं। अलवर के लोगों को अब गंभीर बीमारियों के इलाज और जांच के लिए जयपुर या दिल्ली भागने की जरूरत नहीं होगी, यहां बेहद किफायती दरों पर विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।