जोधपुर में हाईटेंशन लाइन को हटाने पहुंची डिस्कॉम और हाउसिंग बोर्ड की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान अधिकारियों और स्थानीय लोगों में काफी बहस हुई। स्थानीय लोगों का कहना था कि बिना परमिशन के काम किया जा रहा है। न तो इनके पास सेफ्टी कॉरिडोर का प्लान है और न ही किसी तरह की परमिशन। मामला शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के 16 सेक्टर में गुरुवार सुबह का है। हालांकि, इस दौरान पुलिस जाब्ता भी मौजूद रहा। मामला यहां तक बढ़ गया कि स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को यह तक कह दिया कि हम लोग आपको काम रुकवा कर दिखाएंगे। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए लाइन को ​शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना था कि लोगों की सेफ्टी को देखते हुए लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है। हालां​कि, कुछ देर के विरोध के बाद लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया गया था। हा​उसिंग बोर्ड के प्लॉट और धार्मिक स्थल के ऊपर से गुजर रही है लाइन हाउसिंग बोर्ड सेकेंड के दीपक बिस्सा ने बताया कि साल 2001 में हाईटेंशन लाइन की वजह से एक हादसा हो गया था। उस समय यहां इतनी आबादी नहीं थी। अब ये लाइन हा​उसिंग बोर्ड के कुछ मकानों, धार्मिक स्थल और हाउसिंग बोर्ड के खाली प्लॉट के ऊपर से निकल रही है। इसे लेकर अगस्त 2023 में हाउसिंग बोर्ड ने 132 केवी लाइन शिफ्ट के लिए राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम को 1 करोड़ 29 लाख रुपए जमा करवा दिए थे। डेढ़ साल पहले नगर निगम से परमिशन भी मिल गई थी। उन्होंने बताया कि यदि ये लाइन शिफ्ट होगी तो हाउसिंग बोर्ड के खाली प्लॉट और जमीन काम आएगी। स्थानीय लोगों कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप काम शुरू होने से पहले स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि बिना परमिशन और सेफ्टी कॉरिडोर के ये काम किया जा रहा है। करीब 15 दिन पहले भी टीम आई थी, तब हमकों धमकाया भी गया। उनका आरोप था कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए इस लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है। उनका आरोप था कि डेढ़ महीने पहले गड्ढा खोदा था और अब अचानक इस काम को शुरू करवा दिया गया है। आक्रोशित लोगों और अधिकारियों में हुई बहस इधर, जब लोगों ने परमिशन मांगी तो हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना था कि वे पुलिस को इसकी परमिशन दिखाएंगे। इस पर दोनों पक्षों में बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि एक युवक ने अधिकारियों को यह तक कह दिया कि- अब मैं आपको काम रुकवाकर दिखाऊंगा। अधिकारियों ने बताया कि 15 दिन पहले भी निगम आयुक्त के साथ ​मीटिंग हो गई थी और पूरा प्लान बता दिया था।