अलवर में पुराने वाहनों के स्क्रैप कारोबारी ने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड और उसके आठ अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। कोर्ट के आदेश पर अरावली विहार थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संजय कॉलोनी निवासी और 'गणपति स्क्रैप' के संचालक अशोक कुमार ने शिकायत में बताया कि वह टाटा मोटर्स फाइनेंस के अधिकृत ऑनलाइन खरीदार हैं। वर्ष 2023 और 2024 के दौरान उन्होंने कंपनी की ऑनलाइन नीलामी में पांच वाहनों की खरीद के लिए 46 लाख 66 हजार 500 रुपए जमा कराए थे। रकम जमा कराने के बाद भी नहीं ट्रांसफर किए वाहन शिकायत के अनुसार कंपनी ने भरोसा दिलाया था कि जब्त वाहनों को कोर्ट या संबंधित अधिकारी से रिलीज कराकर आवश्यक दस्तावेज (फॉर्म-35 और 36) पूरे करने के बाद वाहन उनके नाम ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। लेकिन न तो वाहन उन्हें सौंपे गए और न ही दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। अशोक कुमार का आरोप है कि जिन वाहनों के लिए उन्होंने भुगतान किया, उनमें से कुछ को उनके मूल मालिक पहले ही छुड़ा चुके थे, जबकि कुछ वाहन राज्य सरकार द्वारा राजसात कर नीलाम किए जा चुके थे। इसके बावजूद कंपनी ने उनसे पूरी रकम वसूल ली। परिवादी ने बताया कि उन्होंने कई बार कंपनी से वाहन उपलब्ध कराने या जमा राशि लौटाने की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि 17 जून 2026 को कंपनी अधिकारियों ने वाहन देने और रकम वापस करने से भी इनकार कर दिया। पुलिस ने इन 8 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की FIR कोर्ट के आदेश की पालना में अरावली विहार थाना पुलिस ने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड और उसके विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिन अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है उनमें नीरज धवन – मैनेजिंग डायरेक्टर,संदीप वर्मा – रीजनल मैनेजर, गौरव – जनरल कलेक्शन अधिकारी,विजय दीक्षित – रीजनल कलेक्शन हेड, मनीष रोशन – रीजनल कलेक्शन हेड, राजेश अग्रवाल – ब्रांच हेड ऑल राजस्थान,अनिल झालाना – आरबीएम को-ऑर्डिनेटर, ऑल इंडिया और ब्रांच मैनेजर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।