अलवर जिले में सोमवार को हजारों ट्रकों का चक्का जाम रहा। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर 'अलवर जिला ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन' ने भी इस हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया। व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और नेशनल परमिट संबंधी समस्याओं के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टरों ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और बाजार की दुकानों को भी बंद कराया। हड़ताल के मद्देनजर रविवार रात से ही ट्रकों को खड़ा कर दिया गया था। प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… 14 जून से बंद हैं नेशनल परमिट यूनियन के अध्यक्ष सुरेश मेहता ने बताया -केंद्र सरकार ने करीब तीन वर्ष पहले कमर्शियल वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन अनिवार्य किए थे। इसके लिए अधिकृत वेंडर द्वारा फिटमेंट प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जिसके बिना नेशनल परमिट नहीं बनता। उनका आरोप है कि राजस्थान में अब तक वेंडर्स को यह प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। इसके चलते 14 जून से नेशनल परमिट जारी होने पूरी तरह बंद हो गए हैं। अब बिना परमिट मजबूरी में चलने वाले वाहनों से टोल प्लाजा पर 10 हजार रुपए तक का भारी-भरकम जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टर बर्बाद हो रहे हैं। आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से छूट यूनियन अध्यक्ष सुरेश मेहता ने कहा कि सरकार से कई बार मांग रखने के बावजूद इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। इसी वजह से वे परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा सहित सरकार का विरोध कर रहे हैं। वहीं, गगन अनेजा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। राहत की बात यह है कि हड़ताल के दौरान आमजन की सुविधा का ध्यान रखा गया है। सुरेश मेहता ने बताया कि दूध, सब्जी, दवाइयों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस चक्का जाम से पूरी तरह छूट दी गई है। इस प्रदर्शन में इमरत दीन, परमजीत सिंह गोगिया, पंकज अनेजा, संदीप मित्तल, गगनदीप अनेजा, समसू खान, प्रेम गांधी, सतीश शर्मा, संदीप गुप्ता और अशोक अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर और चालक शामिल हुए।