अलवर शहर में एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि आर्मी कैप्टन के पिता ने उसके फोटोग्राफर बेटे के साथ मारपीट की। उसे घर पर बुलाकर जबरन मोबाइल और लेपटॉप छीन लिया। अरावली विहार थाने में 2 महीने पहले शिकायत दी थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तब तंग आकर उसे यह कदम उठाना पड़ा। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि कैप्टन की शादी के लिए फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए दे दिए थे। इसके बाद भी फोटोग्राफर ने ज्यादा पैसों की डिमांड की। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने महिला से समझाइश कर 30 मिनट बाद टंकी से नीचे उतारा। कैप्टन के परिवार पर फोटोग्राफर को बंधक बनाने का आरोप शहर के यशवंत सीनियर सैकंडरी स्कूल में सोमवार सुबह तिजारा फाटक निवासी महिला मिथलेश सुबह करीब 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गई। काफी समझाइश के बाद उसे नीचे उतारा गया। टंकी से नीचे उतरने के बाद महिला रोती रही। महिला के बेटे दीपक ने बताया कि 30 अप्रैल को आर्मी कैप्टन की शादी में केवल अलवर के कार्यक्रम के लिए फोटोग्राफी की बुकिंग तय हुई थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया। आखिरी वक्त में उन्होंने गुरुग्राम चलने का दबाव बनाया। "शादी के बाद डाटा देने के लिए उन्होंने मुझे घर बुलाया। वहां कैप्टन के पिता ने मुझे धमकाया कि 'CO से फोन करवाकर थाने में इलाज करवा दूंगा'।" उन्होंने मेरा आईफोन, लेपटॉप और डाटा पेन ड्राइव छीन लिया। इसके बदले में मुझसे 2 लाख रुपए का चेक मांगा गया। जब मैंने मना किया तो मारपीट कर खाली कागज पर जबरन लिखवा लिया कि ‘’मैं अपनी मर्जी से सामान छोड़ कर जा रहा हूं।" पीड़ित महिला का आरोप है कि अरावली विहार थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें फटकार कर भगा दिया। डेढ़-दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरी में मां को टंकी पर चढ़ना पड़ा। कैप्टन की मां बोली- 71 हजार तय थे, 55 हजार दे चुके दूसरी पक्ष की महिला प्रेमवती (कैप्टन की मां) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए फोटोग्राफर पर ही धोखा देने का आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि “मेरा बेटा कैप्टन है और बहू लेफ्टिनेंट। फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए (40 हजार लग्न पर, 11 हजार एडवांस और बाकी बारात के दिन) दे दिए थे। इसके बावजूद बारात जब बड़ौदामेव पहुंची, तो उसने और पैसों की मांग की। फिर फोन बंद कर दिया। इस कारण गुरुग्राम में ऐन वक्त पर दूसरा फोटोग्राफर एडवांस देकर बुलाना पड़ा, जिससे हमारा नुकसान हुआ। प्रेमवती का दावा है कि दीपक का सामान उनके पास सुरक्षित है। तीनों मां-बेटे खुद हिसाब करने आए थे और दीपक ने खुद लिखकर दिया था कि वह 'डेढ़ लाख रुपए देकर अपना सामान ले जाएगा।' ऐसा लिखते हुए उनका वीडियो भी बनाया गया है।