मानसून के दौरान संभावित जलभराव के खतरे को लेकर टाउन की अंबेडकर कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने सोमवार को नगर परिषद के खिलाफ प्रदर्शन किया। वार्ड 24 और 27 के नागरिकों ने पूर्व पार्षद भूपेंद्र नेहरा और शेरसिंह के नेतृत्व में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था लंबे समय से खराब है और शिकायतों के बावजूद नगर परिषद ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। पूर्व पार्षद भूपेंद्र नेहरा ने बताया कि वार्ड 24 और 27 के निवासी कई वर्षों से गंदे पानी की निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। नगर परिषद ने शहर के पानी की निकासी के लिए वार्ड 27 से एक बड़ा नाला तो बनाया, लेकिन उसके रखरखाव और नियमित सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके परिणामस्वरूप नाला और सीवरेज लाइनें जाम हो गई हैं, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। नेहरा ने आगे कहा कि मानसून शुरू हो चुका है और जिले में पहले ही बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, शहर के पानी के संग्रहण के लिए बनाई गई डिग्गी को अब तक खाली नहीं कराया गया है। ऐसी स्थिति में, तेज बारिश होने पर शहर का पानी अंबेडकर कॉलोनी और भभूता सिद्ध कॉलोनी में भरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि हल्की बारिश में भी वार्ड 27 में जलभराव हो जाता है। नेहरा ने यह भी आरोप लगाया कि एक किसान ने नाले पर करीब 50 फीट तक अतिक्रमण कर लिया है, जिससे जल निकासी में और बाधा आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री स्तर से मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप कर नाले से अतिक्रमण हटाने, डिग्गी खाली कराने और जल निकासी व्यवस्था को तत्काल सुचारु कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वार्डवासी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।