झुंझुनूं | कंवरपुरा निवासी मेजर गणपतराम कटेवा का जीवन साहस, अनुशासन और सेवा का प्रतीक रहा। मात्र 18 वर्ष की उम्र में राजपूताना राइफल्स में भर्ती हुए कटेवा ने अपने सैन्य जीवन का बड़ा हिस्सा अफगानिस्तान हिंदुस्तान के बॉर्डर पर बिताया। 1936 में बहादुरी के लिए आईसीएम मेडल मिला। 1946 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सामाजिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई। 13 वर्षों तक नूनिया गोठड़ा पंचायत के सरपंच व न्याय पंचायत लाम्बा गोठड़ा के अध्यक्ष रहे। 94 वर्ष की आयु में 2002 में उनका निधन हुआ। वे झुंझुनूं सेशन जज के सलाहकार भी रहे।