चिकित्सा विभाग की बड़ी पहल : 670 ANM को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण; गर्भवती महिलाओं और शिशु स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाने के लिए चिकित्सा विभाग ने बड़ी पहल की है। जिले की सभी 670 ऑग्जिलरी नर्स मिडवाइफ (एएनएम) को अब अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन (एलटी) के साथ रखकर व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऑनलाइन मैनेजमेंट के साथ ऐसा ट्रेनिंग मॉड्यूल लागू करने वाला उदयपुर राजस्थान का पहला जिला बनेगा। दरअसल, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत हर महीने की 9, 18 और 27 तारीख को गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जाती है। कई बार सेंटर्स पर लैब टेक्नीशियन की अनुपलब्धता से जांच प्रभावित होती है। इसे देखते हुए सीएमएचओ (प्रथम व द्वितीय) क्षेत्र की सभी एएनएम को चरणबद्ध तरीके से ट्रेंड किया जाएगा, ताकि वे किट के उपकरणों का उपयोग अधिक दक्षता से कर सकें। सीएमएचओ (द्वितीय) डॉ. एम.एस. राठौड़ के अनुसार गर्भवतियों की जांच और एएनएम की ट्रेनिंग स्थिति पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता इसकी सीधी मॉनिटरिंग करेंगे। सितंबर में हुई 14,592 गर्भवतियों की जांचें पीएमएसएमए के हत अकेले सितंबर में एएनएम द्वारा 14,592 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इस प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के बाद इतने बड़े पैमाने पर होने वाली जांचों की रिपोर्ट और अधिक सटीक व विश्वसनीय हो सकेगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग: पोर्टल पर अपलोड होगा ट्रेनिंग सर्टिफिकेट सर्टिफिकेट व पोर्टल : ट्रेनिंग पूरी होने पर अस्पताल प्रभारी अधिकृत सर्टिफिकेट जारी करेंगे, जिसे तुरंत ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। डेडिकेटेड सिस्टम : विभाग इसके लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रहा है, जिससे ट्रेंड एएनएम का स्पष्ट डेटा उपलब्ध रहेगा। एएनएम किट : इन 9 प्रमुख जांचों की सीखेंगी बारीकियां एएनएम के पास यह किट हमेशा उपलब्ध रहता है। प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के बाद वे फील्ड या घर-घर जाकर भी ये जांचें बिना किसी हिचकिचाहट और त्रुटि के कर सकेंगी। यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर मापन, वजन मापन, लंबाई/ऊंचाई मापन, ब्लड शुगर टेस्ट, यूरिन एल्बुमिन व शुगर, एचआईवी स्क्रीन टेस्ट, वीडीआरएल जांच होगी।