कोटा में संभागीय आयुक्त एवं प्रशासक अनिल कुमार अग्रवाल ने बुधवार को निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के साथ न्यू मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित श्री अन्नपूर्णा रसोई और आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भोजन में चपाती की मात्रा कम होने पर उन्होंने निगम अधिकारियों को रसोई संचालक को नोटिस देने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से भी इसे लेकर जानकारी ली कि आखिर थाली में चपाती की मात्रा कम क्यों है। कर्मचारी कोई जवाब नहीं दे सके। इस पर संभागीय आयुक्त अग्रवाल ने निर्देश दिए कि रसोई संचालक को नोटिस जारी किया जाए। थाली में 300 ग्राम चपाती होनी चाहिए, जो करीब पांच से 6 चपाती बैठती है। वहीं, उन्होंने गर्मी को देखते हुए अन्नपूर्णा रसोई में लाभार्थियों के लिए कूलर और वाटर कूलर की भी व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए ताकि गर्मी में आराम से बैठकर लोग खाना खा सके और पीने के लिए ठंडा पानी मिल सके। इसके अलावा स्थान की कमी को देखते हुए अन्नपूर्णा रसोई के विस्तार के लिए भी कहा। ताकि अपनी बारी का इंतजार कर रहे लाभार्थी धूप में परेशान नहीं हों। संभागीय आयुक्त ने परिसर में स्थित निगम का स्थायी आश्रय स्थल भी देखा। यहां महिलाओं और पुरूषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। रजिस्टर को जांचते हुए संभागीय आयुक्त ने लाभार्थियों की कम संख्या के बारे में पूछा तो व्यवस्था देख रहे कर्मचारी ने बताया कि सर्दियों में आश्रय स्थल भरा रहता है, लेकिन गर्मियों में कम लोग आते हैं। संभागीय आयुक्त ने वहां कूलर और पेयजल की व्यवस्था भी देखी। अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मियों के दौरान आश्रय स्थल में ओआरएस और ठंडे पानी की उपलब्धता हर समय रहे। कम प्रेशर से जलापूर्ति की शिकायत वार्ड में जलापूर्ति कम दबाव से होती है। गर्मियों में समस्या और बढ़ जाती है। आने वाले दिनों में लोग परेशान होंगे। मुख्यमंत्री विकसित शहरी वार्ड अभियान के दौरान आमजन ने संभागीय आयुक्त और नगर निगम के प्रशासक अनिल कुमार अग्रवाल को यह समस्या बताई। इस पर उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और तत्काल समस्या के निराकरण के निर्देश दिए। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि मुख्यमंत्री विकसित शहरी वार्ड अभियान के तहत बुधवार को वार्ड 100 में बसंत विहार क्षेत्र के संत रैदास पार्क में वार्ड सभा का आयोजन किया गया।