एसएमएस हॉस्पिटल के 38 कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगते ही हॉस्पिटल ने इमरजेंसी सेवाएं बाधित होने का हवाला देकर ड्यूटी कैंसिल कराने के लिए पत्र लिख दिया। दूसरी ओर, एसएमएस और इससे जुड़े हॉस्पिटलों में नर्सिंग ऑफिसरों को मूल काम से हटाकर बिजली-पानी और किचन जैसी व्यवस्थाओं में लगा रखा है। गर्मी में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। चिकित्सा विभाग व मुख्यमंत्री कार्यालय तक जवाब मांग चुका है, इसके बावजूद हालात नहीं बदल रहे। एसएमएस हॉस्पिटल में 70 से ज्यादा अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों को हेल्प डेस्क, ऑक्सीजन प्लांट व लॉन्ड्री कार्यों में लगा रखा है। 20 नर्सिंगकर्मी हेल्प डेस्क, 25 ऑक्सीजन प्लांट, 12 की लॉन्ड्री, 5 की सुपरवाइजर ऑफिस, 10 की बायोवेस्ट व अन्य की मेंटेनेंस वगैरह में ड्यूटी लगा रखी है। भीषण गर्मी में मरीजों की संख्या बढ़ी, कर्मचारियों की कमी नर्सिंग ऑफिसर ही नहीं, डॉक्टर भी दूसरे कार्यों में लगे हुए हैं, इससे मरीजों की सेवाएं प्रभावित होती हैं। नर्सिंगकर्मियों का मूल काम क्वालिटी केयर का है, जबकि टेक्निकल और क्लर्क जैसे कार्यों में ड्यूटी लगी हुई है। स्टाफ की भर्ती करनी चाहिए। - प्यारेलाल चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, राज. नर्सेज एसोसिएशन