भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वर्तमान में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को सोना कम खरीदने और बचत की प्रवृत्ति बढ़ाने की दी गई सलाह का समर्थन किया है। चतुर्वेदी ने कहा कि यह कोई प्रतिबंध नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति एक दूरदर्शी अलार्म है। मोदी जी का विजन भारत को आर्थिक रूप से अभेद बनाना है। अरुण चतुर्वेदी ने कहा - दुनिया में जो परिस्थितियां बन रही हैं, उसमें खुद को मानसिक और आर्थिक रूप से तैयार करना जरूरी है। पीएम की अपील देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। चतुर्वेदी ने महंगाई के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारणों को जिम्मेदार ठहराया और साफ किया कि देश का नेतृत्व केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाले 25 सालों की नींव रख रहा है। वैश्विक संकट के इस दौर में, मोदी की 'सेविंग थ्योरी' ही भारत का असली सुरक्षा कवच साबित होगी। दरअसल सोमवार को जैसलमेर प्रवास पर आए अरुण चतुर्वेदी ने सोमवार को स्थानीय सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा, युवा नेता कंवराज सिंह चौहान, सुशील व्यास, सवाई सिंह गोगली समेत कई बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। लाल बहादुर शास्त्री से तुलना की इस मौके पर जब चतुर्वेदी से प्रधानमंत्री की सोने से दूरी बनाने वाली अपील पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे ऐतिहासिक संदर्भों से जोड़ते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी देश पर संकट आया है, हमारे नेतृत्व ने जनता से त्याग की अपेक्षा की है। लाल बहादुर शास्त्री ने अन्न संकट के समय देश से एक वक्त का भोजन छोड़ने की अपील की थी, ताकि देश आत्मनिर्भर रह सके। आज प्रधानमंत्री मोदी भी वही कर रहे हैं। चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व के तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था डगमगा रही है। अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देश भी महंगाई और मंदी से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में, यदि भारतीय समाज सोने जैसी निष्क्रिय संपत्ति में पैसा फंसाने के बजाय बचत और उत्पादक निवेश पर ध्यान देगा, तो भारत की अर्थव्यवस्था किसी भी वैश्विक झटके को झेलने के लिए तैयार रहेगी। बढ़ती कीमतें और वैश्विक समीकरण कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि इसे चुनाव से जोड़ना गलत है। उन्होंने तकनीकी और भौगोलिक कारणों का हवाला देते हुए बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई चेन बाधित हुई है। उन्होंने कहा- सरकार की कोशिश है कि आम आदमी की रसोई पर इसका कम से कम असर पड़े। भारत आज 'वसुधैव कुटुंबकम' की नीति पर चलते हुए दुनिया को नेतृत्व दे रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की अपनी सीमाएं होती हैं। अरुण चतुर्वेदी के जैसलमेर दौरे के दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा, युवा नेता कंवराज सिंह चौहान, सुशील व्यास, सवाई सिंह गोगली समेत कई बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।