कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पीएम मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर दिल्ली से लेकर जयपुर तक कांग्रेस, भाजपा के बीच वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने खड़गे का बचाव करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया है। गहलोत ने एक्स पर लिखा- मल्लिकार्जुन खड़गे का उद्देश्य किसी के व्यक्तिगत अपमान का नहीं रहा है। वे भारत के सबसे अनुभवी राजनेताओं में से एक हैं और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को समझते हैं। उनकी मंशा इस गरिमा के खिलाफ कभी हो ही नहीं सकती। अमित शाह ने संसद में साला शब्द बोल दिया था गहलोत ने लिखा- नानी याद दिला देना, बाप की जागीर समझना जैसे रिश्तों से जुड़े मुहावरे और लोकोक्तियां भारत की आम बोलचाल का हिस्सा हैं। जो सदियों से चली आ रही हैं। जैसे 2025 में संसद में बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने ‘साला’ शब्द बोल दिया था। इनका अर्थ व्यक्तिगत न होकर भावनात्मक और अलंकारिक होता है। कल खरगे ने जो कहा, वह भी इसी तरह की आम बोलचाल की शैली है। इसलिए इस विषय पर भाजपा को हंगामा करने का अधिकार नहीं है। 2019 में मर्यादा कहां चली गई थी जब राजीव गांधी के लिए अपशब्द बोले थे गहलोत ने लिखा- भाजपा को आज मर्यादा और अमर्यादित भाषा की बातें याद आ रही हैं, लेकिन जब साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय उपमहाद्वीप में शांति स्थापित करने के प्रयासों के लिए शहीद होने वाले राजीव गांधी के लिए अमर्यादित टिप्पणी की थी, तब भाजपा नेताओं की मर्यादा कहां चली गई थी? भाजपा के पास जनता के असली मुद्दों का जवाब देने के लिए कुछ नहीं गहलोत ने लिखा- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर भाजपा जिस तरह हंगामा कर रही है। उससे साफ है कि उसके पास जनता के असल मुद्दों पर जवाब देने के लिए कुछ नहीं है। हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद मंच शुद्धिकरण घटना की जांच का क्या हुआ? गहलोत ने लिखा- जब उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की जनसभा के बाद आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोगों ने मंच का शुद्धिकरण किया था, तब यह गंभीर सवाल उठा था कि आखिर भाजपा और आरएसएस की विचारधारा में दलितों के प्रति इतनी घृणा क्यों है? कांग्रेस ने यह मुद्दा संसद में भी उठाया था। उस समय भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने मामले की जांच कराने की बात कही थी। आज सवाल है कि उस जांच का क्या हुआ? जांच के नतीजे जनता के सामने क्यों नहीं रखे गए? इससे भाजपा की कथनी और करनी का अंतर उजागर होता है। आवाज उठाने वालों की देशभक्ति पर सवाल उठाने लगती है भाजपा गहलोत ने लिखा- आज देश के सामने सबसे बड़ा सवाल वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता का है। कांग्रेस, युवा पीढ़ी और पूरा विपक्ष लंबे समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है। लेकिन इन सवालों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कभी ऐसी गंभीरता नहीं दिखाई। जब विपक्ष और युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाते हैं, तब भाजपा जवाब देने के बजाय उन्हें विदेशी ताकतों से जोड़ने और उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाने लगती है। ये भी पढ़ें… जयपुर में भाजपा नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की:बेरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी की, पीएम पर विवादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ जयपुर में भाजपा ने प्रदर्शन किया। बीजेपी प्रदेश मुख्यालय से चौमूं हाउस सर्किल पर भाजपा के कार्यकर्ता रैली के रूप में गए और नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रदेश पदाधिकारी, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, एससी मोर्चा के कार्यकर्ता शामिल रहे। (पूरी खबर पढ़ें)