भास्कर न्यूज | बारां सत्संग भवन मार्ग स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चल चिकित्सा इकाई में पुष्य नक्षत्र पर निशुल्क जांच और आयुर्वेद चिकित्सा शिविर लगाया। चिकित्सालय प्रभारी डॉ. हरिशंकर मीणा ने बताया कि शिविर में 64 रोगियों को परामर्श दिया। 60 मरीजों की अलग-अलग स्वास्थ्य जांचें की गईं। जन्म से 16 वर्ष आयु वर्ग के 157 बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए स्वर्ण प्राशन कराया। 44 मरीजों की मधुमेह और हीमोग्लोबिन की निशुल्क जांच भी हुई। शिविर में अर्श, मस्सा, भगंदर जैसी गुदा संबंधी बीमारियों के 16 मरीजों की जांच कर आयुर्वेदिक उपचार दिया। एक्जिमा, सोरायसिस, दाद, खाज, शीतपित्त, काले तिल, पैरों में कील सहित चर्म रोगों से पीड़ित 36 मरीजों का आयुर्वेदिक दवाओं से उपचार किया। अग्निकर्म पद्धति अपनाई गई। शिविर के साथ महर्षि सुश्रुत जयंती भी मनाई गई। मरीजों और नागरिकों ने महर्षि सुश्रुत के चित्र पर माल्यार्पण किया। डॉ. हरिशंकर मीणा ने कहा कि महर्षि सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक माना जाता है। उन्होंने करीब 2800 वर्ष पहले प्लास्टिक सर्जरी सहित कई जटिल शल्य प्रक्रियाओं का वर्णन किया था। यह आज भी चिकित्सा विज्ञान के लिए प्रेरणा है। शिविर में साक्षी गोयल, श्याम सिंह, मनीष गोयल, बबली गोयल, जगदीश खंडेलवाल, नितिका खंडेलवाल, महेंद्र गोयल, सुनीता गोयल, राकेश गर्ग, रमेश यादव, डोमा परिसंघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंकज, महामंत्री रमेशचंद यादव, मंत्री अशोक नरवाल, कोषाध्यक्ष कृष्णमुरारी मेहरा, संगठन मंत्री अजय महकालिया, लैब टेक्नीशियन दिनेश राठौड़ का योगदान रहा।