पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 9 साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती जिसके चलते बच्चे की मौत हुई। परिजनों ने मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन को लिखित में शिकायत दी है। नली लगाई तो मुंह से बहने लगा खून पाली जिले के बेड़ा गांव (नाना) निवासी राजू राठौड़ के नौ साल के बेटे रूद्राक्ष को दस्त, बुखार और उल्टी होने पर परिजन शनिवार शाम बांगड़ हॉस्पिटल लाए। यहां बच्चे को पीआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन रविवार को रुद्राक्ष की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने बच्चे की नाक में नली डाली जिसके बाद उसके मुंह से खून बहने लगा। नली डालने के बाद उसकी हालत में फिर सुधार नहीं हुआ और मौत हो गई। उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पिता रोते हुए बोला–लापरवाही ने ली जान 9 साल के बेटे की अचानक मौत से माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। रुद्राक्ष के पिता राजू राठौड़ रोते–रोते बस एक ही बात बोलते रहे कि अगर डॉक्टर लापरवाही न बरतते तो आज उनका बेट जिंदा होता। राजू ने बताया कि उसके दो बेटे 9 साल का रूद्राक्ष और 2 साल का खुसमित है। राजू शादी समारोहों में बैंड बजाने का काम करता है। फिलहाल परिवार के साथ बेड़ा में रहता है। कमेटी जांचेगी लापरवाही हुई या नहीं मामले में बांगड़ हॉस्पिटल के कार्यवाहक पीएमओ डॉक्टर आरके विश्नोई ने बताया कि बच्चे को शनिवार शाम भर्ती किया गया था। जिसकी रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए लिखित में शिकायत दी है। हम कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाएंगे।