चित्तौड़गढ़ में रविवार को गौ संरक्षण और गौ सम्मान की मांग को लेकर जिला स्तरीय रैली निकाली गई। इंदिरा गांधी स्टेडियम में जिलेभर के गांवों और ढाणियों से संत, गौभक्त, किसान और सनातन समाज के लोग जुटे। यहां से गौ माता की जय, गौ हत्या बंद करो और गौ माता को राष्ट्रमाता बनाओ के नारे लगाते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। कुछ किसान बैलगाड़ियां लेकर भी पहुंचे। 27 अप्रैल को तहसील स्तर से शुरू हुआ अभियान रामस्नेही संप्रदाय के दिग्विजय रामजी महाराज ने बताया कि गौ सम्मान अभियान की शुरुआत 27 अप्रैल को तहसील स्तर पर हुई थी। उस समय सरकार तक मांग पहुंचाई गई थी। तीन महीने बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने पर अब जिला स्तर पर गौभक्तों को एकजुट किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे चित्तौड़गढ़ जिले के गांवों और ढाणियों से लोग अभियान में शामिल हुए हैं। उनकी मांग है कि पूरे देश में गौ हत्या बंद हो, गौ माता के संरक्षण के लिए अलग कानून बने और उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। दिग्विजय रामजी महाराज ने कहा कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो अगला चरण जयपुर और उसके बाद दिल्ली में होगा। मांग पूरी नहीं होने पर संत आमरण अनशन पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इसे किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि हर सनातनी की आवाज बताया। स्वामी सुदर्शनाचार्य बोले- समाज को भी जिम्मेदारी निभानी होगी बड़ी सादड़ी गोपाल सत्संग आश्रम के स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज ने कहा कि गौ संरक्षण का मुद्दा अब सिर्फ संत समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सनातन समाज का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर की रैली के बाद सुनवाई नहीं हुई तो प्रदेश मुख्यालय और फिर दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने गौ हत्या करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने की मांग की। साथ ही गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, गौशालाओं को मजबूत करने और गौवंश की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे गौवंश के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि, सिर्फ सरकार को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। समाज को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। गाय पालने वालों को उन्हें सड़कों पर खुला नहीं छोड़ना चाहिए और चराने ले जाने पर उनकी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ सेवा की शुरुआत हर घर से होनी चाहिए। विधायक ने बताया जायज मांग, भाजपा नेता ने गिनाए प्रयास विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि संत और सनातन समाज लंबे समय से गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौ हत्या रोकने की मांग उठा रहा है। उन्होंने इसे सामान्य और उचित मांग बताते हुए केंद्र सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने गौशालाओं को बेहतर बनाने और गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की भी मांग की। भाजपा के श्रवण सिंह राव ने बताया कि गौ सम्मान आह्वान अभियान का यह दूसरा चरण है। पहले तहसील स्तर पर लोगों को जोड़ा गया और अब जिला स्तर पर हजारों गौभक्त एक मंच पर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो 27 अक्टूबर को जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। राव ने कहा कि पिछले कुछ सालों में गौ संरक्षण को लेकर कई सकारात्मक काम हुए हैं। सरकार गौशालाओं को अनुदान दे रही है। CSR के माध्यम से भी कई गौशालाओं को मजबूत किया जा रहा है। सांवलियाजी मंदिर मंडल से भी सहयोग की मांग की गई है। उन्होंने आने वाले समय में गौशालाओं के और मजबूत होने की उम्मीद जताई। बैलगाड़ियों के साथ निकली रैली इंदिरा गांधी स्टेडियम से जिला कलेक्ट्रेट तक निकली रैली में महिलाएं, युवा, किसान, संत और कई बटुक शामिल हुए। कुछ किसान बैलगाड़ियां लेकर पहुंचे, जो रैली का आकर्षण रहीं। पूरे रास्ते गौ संरक्षण और गौ सम्मान के समर्थन में नारे लगाए गए। स्टेडियम में संतों ने गौ संरक्षण को लेकर लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया। इसके बाद रैली निकाली गई। इस दौरान गौ माता की जय, गौ हत्या बंद करो और गौ माता को राष्ट्रमाता बनाओ जैसे नारे लगाए गए। समाज से गौवंश को सड़कों पर नहीं छोड़ने की अपील कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गौ माता की सुरक्षा केवल कानून बनाने से संभव नहीं होगी। समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। लोगों से गौवंश को सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ने और गौशालाओं के संचालन में सहयोग करने की अपील की गई। संतों ने कहा कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौ हत्या रोकने को लेकर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। चित्तौड़गढ़ से शुरू हुई आवाज को अब प्रदेश और देश के स्तर तक पहुंचाने की तैयारी है। कार्यक्रम में भाजपा महामंत्री रघु शर्मा, हर्षवर्धन सिंह रुद, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव त्यागी, गौभक्त मुकेश नाहटा, राजन माली, हरीश ईनाणी, सीपी नामधराणी, ओमप्रकाश शर्मा और विनीत तिवारी सहित अन्य संत मौजूद रहे।