पंजाब के बठिंडा-बीकानेर नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में बालोतरा के दो दंपती सहित चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ये सभी अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे थे। गुरुवार को बालोतरा में चारों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। देखें हादसे-अंतिम संस्कार से जुड़ी PHOTOS रोने की चीख में बदले जयकारे बालोतरा से मंगलवार शाम करीब छह बजे 12 श्रद्धालु एक टेंपो ट्रैवलर से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए थे। परिजनों ने उन्हें 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ विदा किया था। बुधवार सुबह डाबा जोर गांव के पास चालक को कथित तौर पर झपकी आने से वाहन सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में पीछे से जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो ट्रैवलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री सीटों के बीच फंस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला। हादसे में गांधीपुरा निवासी पंकज परिहार (50), उनकी पत्नी डिंपल परिहार (45), महेंद्र कुमार माली (52) और उनकी पत्नी मनीषा (44) की मौके पर ही मौत हो गई। आठ अन्य घायल श्रद्धालुओं का उपचार एम्स बठिंडा में जारी है। घायल बच्चे पूछते रहे- मम्मी-पापा कहां हैं? हादसे के समय पंकज परिहार के दोनों बेटे दीपक, हितेश और बेटी रुचिका भी उसी वाहन में सवार थे। तीनों घायल हो गए, जिनमें एक बेटे के पैर में फ्रैक्चर आया है। अस्पताल में घायल बच्चे बार-बार अपने माता-पिता के बारे में पूछते रहे, जबकि परिजन उन्हें संभालने और सच छिपाने की कोशिश करते रहे। बच्चों को भी प्राथमिक उपचार के बाद बालोतरा लाया गया। चार अर्थियां एक साथ उठीं, हर आंख नम हुई पोस्टमाॅर्टम के बाद चारों शव बालोतरा पहुंचे तो पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को दोनों जोड़ों का अंतिम संस्कार किया गया।