बालोतरा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 किलो 200 ग्राम एमडी बरामद की है। पुलिस ने पिता और बेटे को गिरफ्तार किया है। बरामद एमडी की अनुमानित कीमत 2.20 करोड़ रुपए बताई गई है। आरोपियों के पास से मादक पदार्थ की कमाई के 1.25 लाख रुपए नकद भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। ऑपरेशन विषभंजन के तहत हुई कार्रवाई एसपी रमेश ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थ की तस्करी रोकने के लिए स्पेशल अभियान ऑपरेशन विषभंजन चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूलसिंह, डीएसपी सुखराम विश्नोई के सुपरविजन में जिला स्पेशल टीम बालोतरा और धोरीमन्ना थाना प्रभारी रावताराम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। धोरीमन्ना इलाके में जुटाई गई गोपनीय जानकारी पुलिस को धोरीमन्ना इलाके में ड्रग्स की तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एसपी के निर्देश पर गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई गई। डीएसटी टीम ने इलाके में कैंप लगाया और संदिग्ध लोगों की एक्टिविटी पर लगातार नजर रखी। परंपरागत पुलिसिंग के साथ तकनीकी संसाधनों की मदद से भी जानकारी इकट्ठी की गई। 4 किलोमीटर पैदल चलकर ढाणी में दी दबिश बालोतरा डीएसटी और धोरीमन्ना पुलिस की संयुक्त टीम ने प्लानिंग के साथ कार्रवाई की। आरोपियों का घर आबादी से दूर रेतीले धोरों के बीच बनी ढाणी में था। वहां पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने करीब 4 किलोमीटर तक रेतीले धोरों में पैदल चलकर चारों तरफ से घेराबंदी की और फिर दबिश दी। पिता-बेटे के घर से 2.20 किलो एमडी और 1.25 लाख रुपए मिले दबिश के दौरान पुलिस ने चैनाराम पुत्र रामचंद्र निवासी मायलों की बेरी खारी, धोरीमन्ना और उसके बेटे हनुमानराम के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे में छिपाकर रखी 2 किलो 200 ग्राम अवैध एमडी और 1 लाख 25 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। बरामद एमडी की अनुमानित कीमत 2.20 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। आबादी से दूर ढाणी को बनाया था ठिकाना प्रारंभिक पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी आबादी से दूर रेतीले धोरों के बीच बनी ढाणी को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करते थे। अवैध मादक पदार्थ को घर के अंदर छिपाकर रखा जाता था। इसके बाद अलग-अलग जगह सप्लाई कर उससे अवैध कमाई की जा रही थी।