बांसवाड़ा जिले में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) संगठन के भीतर चल रही उथल-पुथल के बीच पार्टी हाईकमान ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने कुछ समय पहले भंग की गई जिला कार्यकारिणी के बाद, बांसवाड़ा जिले में पुनः उसी पुराने जिलाध्यक्ष प्रभुलाल बुझ को ही कार्यवाहक जिला अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति दे दी है। आगामी पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए पार्टी ने यह कदम उठाया है। अनियमितताओं के कारण की गई थी कार्रवाई इससे पहले बांसवाड़ा जिले में पार्टी की कार्यकारिणी इसलिए भंग की गई थी, क्योंकि पिछले चुनावों के दौरान टिकट वितरण में कुछ गड़बड़ियां सामने आई थी। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर कुछ सीटों पर एक, तीन या पांच वोट जैसे बेहद कम आंकड़े मिलने और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के कारण पार्टी नेतृत्व ने सख्त कदम उठाते हुए तत्कालीन कार्यकारिणी को कार्यमुक्त कर दिया था। ​कार्यकर्ताओं और आम राय के बाद मिला मौका हालांकि, कार्यकारिणी भंग होने के बाद जब पार्टी ने स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम लोगों की राय जानी, तो अधिकांश लोगों ने पुरानी कार्यप्रणाली और अनुभवी चेहरों को ही प्राथमिकता देने का समर्थन किया। जनता और कार्यकर्ताओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया और उनकी आम राय को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने निर्णय बदला और प्रभुलाल बुझ को पुनः कार्यवाहक जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी। ​पंचायतीराज चुनाव तक जिम्मेदारी रहेगी आगामी पंचायतीराज चुनावों और 31 दिसंबर 2026 तक के लिए कार्यवाहक व्यवस्था के रूप में की गई है। चुनाव संपन्न होने के बाद नियमानुसार स्थाई चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ​स्थानीय स्तर पर जल्द होंगे अन्य बदलाव पार्टी के जिला नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि बांसवाड़ा जिले में सांगठनिक मजबूती के लिए अगले दो-चार दिनों में स्थानीय स्तर पर अन्य आवश्यक फेरबदल और कार्यकारिणी के बचे हुए पदों पर नियुक्तियां भी कर दी जाएंगी, ताकि आगामी पंचायतीराज चुनावों में पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतर सके।