बांसवाड़ा में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए है। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव और पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की ओर से जारी संयुक्त एडवाइजरी के बाद अब कलेक्ट्रेट परिसर में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। अब सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की पालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर के तीनों एंट्री गेट पर पुलिस के जवान लगाए गए है। पहले दिन पुलिस वालो ने दिखाई सख्ती ​गुरुवार सुबह से ही कलेक्ट्रेट के सभी गेटों पर पुलिस का सख्त पहरा देखने को मिला। जो भी सरकारी कर्मचारी या आमजन बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन पर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें यातायात पुलिसकर्मियों ने मुख्य गेट पर ही रोक दिया। पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया और उन्हें वापस लौटाते हुए यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी। समाज को सकारात्मक संदेश देने की पहल जिला कलक्टर ड़ॉ. इंद्रजीत यादवबांसवाड़ा जिले में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट न लगाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग के साथ बैठक कर यह संयुक्त एडवाइजरी जारी की गई है। अगर सरकारी कर्मचारी स्वयं हेलमेट लगाकर नियमों का पालन करेंगे, तो इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। शुरुआत में समझाइश की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान जारी रहेगा ​प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का उपयोग करें। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि कलेक्ट्रेट परिसर में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि लोगों में हेलमेट पहनने के प्रति एक स्थाई आदत विकसित हो सके।