बांसवाड़ा में NEET पेपर लीक को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के बाहर शाम के समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश में पिछले लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होना पूरी तरह से शासन-प्रशासन और सरकार की नाकामी को दर्शाता है। इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह पेपर लीक का विरोध, केंद्र सरकार की नाकामी और उनका हिटलरशाही व्यवहार है। ​गरीब परिवार के संघर्षों का होता है सौदा ​कांग्रेस वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि एक मध्यमवर्गीय और गरीब परिवार का बच्चा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करता है। उसकी तैयारी के लिए गरीब परिवार अपनी चल-अचल संपत्ति तक को गिरवी रख देता है या बेच देता है। ऐसे में परीक्षा का पेपर लीक होना उस नौजवान के सपनों पर सीधा कुठाराघात है। इस व्यवस्था से व्यथित होकर कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली है। ऐसे में केंद्र सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी ही होगी, लेकिन इसके विपरीत केंद्र सरकार द्वारा युवाओं की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। ​छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा ​पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में युवा छात्र-छात्राएं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया गया है, जो बेहद निंदनीय है। ​प्रदर्शन के दौरान ये रहे मौजूद ​पार्टी प्रवक्ता एडवोकेट इमरान खान पठान ने बताया कि इस उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान अमजद हुसैन, देवबाला राठौर, नवाब फौजदार, रूपेश जैन, जाहिद अहमद सिंधी, बुरहान रतलामी, सुभाष निनामा, रितेश नानी, अरविंद डामोर, मिलन चाहिल, संजय जैन, चंदा डामोर, अनीता सिसोदिया, शाहरुख खान, धनेश्वर यादव, पार्थ त्रिवेदी, आसिफ मुस्तफा, अजय मईडा, भारत दोषी, इकबाल लोखंडवाला, सुनील मीणा, दिलीप पटेल, मास्टर रामलाल डिंडोर, भरत यादव और तुफैल अहमद सिंधी सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।