बांसवाड़ा में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अल्टीमेटम दिया है। इसमें यदि 6 अप्रैल तक खरीद केंद्र शुरू नहीं हुए तो किसान चक्का जाम कर देंगे। इसके साथ ही, कलेक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी दी है। ​सरकार के वादे फेल: खेतों और घरों में पड़ा 1.11 लाख हेक्टेयर का गेहूं ​ज्ञापन में बताया गया कि सरकार ने 10 मार्च 2026 से गेहूं की खरीद शुरू करने का आदेश जारी किया था। लेकिन विडंबना देखिए कि आज 1 अप्रैल हो चुकी है और पूरे बांसवाड़ा जिले में एफसीआई का एक भी क्रय केंद्र चालू नहीं हुआ है। इस साल जिले में लगभग 1 लाख 11 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल थी। मंडियां शुरू न होने के कारण किसानों की मेहनत उनके घरों और खलिहानों में असुरक्षित पड़ी है। ​खरीद केंद्रों की तुरंत शुरुआत किसानों ने मांग की है कि 6 अप्रैल तक हर हाल में खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए। इस बार पैदावार कम होने और दाना पतला व कमजोर होने के कारण किसानों ने 20% छूट देने की मांग की है। किसान संघ का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की। बोले- किसान दर-दर भटक रहा भारतीय किसान संघ ​प्रशासन के प्रांतीय उपाध्यक्ष रणछोड़ पाटीदार ने बताया की प्रशासन की लापरवाही के कारण किसान दर-दर भटक रहा है। अगर समय रहते केंद्र नहीं खुले तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। हम नेशनल हाईवे जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। ​इनको भेजी गई पत्र की प्रतिलिपि ​किसान संघ ने अपनी मांगों के ज्ञापन की कॉपियां जिले के एसपी, डीएसओ और FCI विभाग को भी भेजी हैं ताकि व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त किया जा सके। ​6 अप्रैल तक का अल्टीमेटम यदि 6 अप्रैल तक प्रशासन केंद्रों का कांटा शुरू नहीं करता है, तो जिले में बड़े स्तर पर चक्का जाम और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन की स्थिति बन सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।