बारां जिले में अमृत 2.0 योजना का काम अब फिर से शुरू होगा। यह परियोजना पिछले 2 साल से रुकी हुई थी। एक संवेदक कंपनी को जलदाय विभाग द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कंपनी ने कोर्ट में अपील दायर की थी, जिससे काम अटक गया था। कोर्ट में मामले का निस्तारण होने के बाद जलदाय विभाग ने टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत जिला मुख्यालय बारां सहित अटरू, मांगरोल, अंता और छबड़ा में नए क्षेत्रों में पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। दो साल की देरी के कारण परियोजना की लागत बढ़ने की आशंका है, हालांकि अधिकारी लागत में वृद्धि से इनकार कर रहे हैं। बारां, अटरू, मांगरोल, अंता और छबड़ा में होगा काम जलदाय विभाग के सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2024 में बारां, अटरू, मांगरोल, अंता और छबड़ा में अमृत 2.0 के तहत स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कुल 75 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी। इस योजना का उद्देश्य उन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना था, जहां वर्तमान में यह सुविधा नहीं है। टेंडर प्रक्रिया के बाद सभी काम एक ही कंपनी को दिए गए थे। उच्च स्तर पर शिकायत मिलने के बाद उस कंपनी को अयोग्य (डिबार) घोषित कर दिया गया था। इसके बाद संवेदक कंपनी ने कोर्ट का रुख किया, जिससे परियोजना रुक गई थी। अब मामले का निस्तारण हो गया है और विभाग ने टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है।