बारां में जलझूलनी एकादशी के मौके पर आज हाड़ौती की मशहूर डोल शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। इसमें शहर के अलग-अलग मंदिरों से 58 देव विमान शामिल होंगे। साथ ही 11 अखाड़े भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इस शोभायात्रा को देखने के लिए हाड़ौती के गांवों और कस्बों के साथ-साथ मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। दोपहर बाद अलग-अलग मंदिरों से देव विमान श्रीजी मंदिर के लिए रवाना होंगे। यहां से शोभायात्रा चौमुखा, सदर बाजार, धर्मादा चौराहा और मांगरोल रोड से होते हुए डोल तालाब की पाल पर पहुंचेगी। यहां जलवा पूजन किया जाएगा। सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट श्रीजी मंदिर के पुजारी पंडित आदित्य शर्मा ने बताया कि जलझूलनी एकादशी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के 18 दिन बाद मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन मैया यशोदा बाल कृष्ण को लेकर जलवा पूजन के लिए नदी किनारे गई थीं। यही रस्म शाम को सूर्यदेव की मौजूदगी में डोल तालाब पर निभाई जाती है। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण श्रीकल्याणरायजी और रघुनाथजी का मिलन होगा। श्रीजी के चौक से सभी विमानों के रवाना होने के बाद श्रीजी का विमान निकलेगा। चौमुखा बाजार में रघुनाथजी का विमान श्रीजी का इंतजार करेगा और मिलन के बाद बिना रुके दौड़ते हुए डोल तालाब पहुंचेगा। सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। पूरे रास्ते पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। शोभायात्रा की सुरक्षा में 725 पुलिस जवान, 3 एएसपी, 7 डीएसपी, 13 सीआई और 15 एसआई तैनात रहेंगे। शोभायात्रा के साथ ही आज से 15 दिवसीय डोल मेला भी शुरू होगा।