जयपुर हाईकोर्ट की सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाना बारां नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल राठौड़ को भारी पड़ गया। जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने कमल राठौड़ और रिकॉर्डिंग कर रहे उनके ड्राइवर अनिल सुमन के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किए। अदालत ने दोनों से पूछा कि क्यों न आपके खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्रवाई शुरू की जाए? दरअसल, कमल राठौड़ सोमवार को अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे की पैरवी खुद कर रहे थे। कोर्ट में मौजूद उनका ड्राइवर उस समय अपने मोबाइल फोन से पूरी कार्यवाही को रिकॉर्ड कर रहा था। इसी दौरान कोर्ट को पता चला कि एक व्यक्ति कोर्ट कार्यवाही को मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा है। कोर्ट के निर्देश पर जब उस व्यक्ति को पकड़ा गया तो उसने अपने फोन से रिकॉर्डिंग ​डिलीट करने की कोशिश की। पूछने पर उसने अपना नाम अनिल सुमन और याचिकाकर्ता का ड्राइवर होना बताया। याचिकाकर्ता के कहने पर ही रिकॉर्डिंग करने की बात स्वीकारी। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कमल राठौड़ और अनिल सुमन का यह कृत्य ना केवल, न्यायिक प्रक्रिया में दखल है, बल्कि अदालत की अवमानना भी है। ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश हाईकोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम-2020 का हवाला देते हुए कहा कि यह नियम किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग को प्रतिबंधित करता है। अदालत ने अरुंधति रॉय के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि यदि न्यायिक प्रक्रिया में आम आदमी का विश्वास डगमगाता है तो यह समाज के लिए विनाशकारी होगा। अदालत ने रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिए कि वे अनिल सुमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएं और उसका मोबाइल फोन जब्त करें। साथ ही कोर्ट ने मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजकर उनके निर्देश पर सुनवाई के लिए लिस्ट करवाने के लिए भी कहा।