बारां जिला अस्पताल में मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के तहत होने वाली ब्लड जांच की विश्वसनीयता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल की लैब रिपोर्ट और बाहर की लैब रिपोर्ट में बड़ा अंतर सामने आया है। शहर के रावणजी का चौक निवासी 20 साल की आयशा को हल्का बीमार होने पर पिता सईद खान अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने ब्लड टेस्ट कराने को कहा। अस्पताल की लैब में जांच हुई तो हीमोग्लोबिन 4.60 ग्राम प्रति डेसीलीटर आया। डॉक्टर ने तुरंत भर्ती करने की कही थी बात रिपोर्ट देखकर डॉक्टर ने खून कम बताते हुए तुरंत भर्ती कर ब्लड चढ़ाने की बात कही। परिजनों को यकीन नहीं हुआ तो उन्होंने बाहर एक लैब में दोबारा जांच कराई। बाहर की रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन 12.6 निकला, जो सामान्य है। 'लापरवाही करने वाले कर्मचारी पर होगी कार्रवाई' परिजन यह रिपोर्ट लेकर वापस डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर भी अंतर देखकर हैरान रह गए और भर्ती की जरूरत नहीं समझी। परिजनों ने अस्पताल की जांच व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। पीएमओ डॉ. नरेंद्र मेघवाल ने जांच कराकर लापरवाही करने वाले कर्मी पर कार्रवाई की बात कही है।