जयपुर में रावत मिष्ठान भंडार के अजमेर रोड और नारायण सिंह सर्किल स्थित शॉप्स पर फूड सेफ्टी टीम ने छापा मारा। टीम को चॉकलेट और बेकरी आइटम में कीड़े, मक्खियां मिलीं। पैकिंग पर न तो एक्सपायरी डेट थी और न मैन्युफेक्चरिंग डेट छपी थी। टीम ने सबसे पहले अजमेर रोड स्थित दुकान पर छापा मारा। जहां बिक्री काउंटर और चिलर में रखी पैकेट बंद मिठाइयों पर पैकिंग और एक्सपायरी डेट सहित जरूरी जानकारी नहीं थी। तैयार खाद्य पदार्थों पर भी जानकारी नहीं थी। टीम ने जांच के लिए केसर पिस्ता बर्फी का नमूना लिया। निरीक्षण के दौरान बेकरी काउंटर के नीचे मृत कॉकरोच और मक्खियां मिलीं। मिठाई बनाने वाली जगह जमीन पर खाने के सामान के अवशेष और गंदगी मिली। अखबार मं रखकर परोसा जा रहा था सामान कच्चा माल रखने की जगह पर भी कमियां मिलीं। राज कचौरी और दही पूरी जैसे खाद्य पदार्थों को अखबार पर रखकर परोसा जा रहा था। कोल्ड स्टोरेज में रावत मिष्ठान भंडार के नाम से बने और पैक किए गए हेजलनट मिल्क और रोस्टेड चोको आलमंड हैंडक्राफ्टेड चॉकलेट में जिंदा और मृत कीड़े मिले। इन उत्पादों के पैकेट पर भी खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के अनुसार जरूरी जानकारी पूरी नहीं थी। बिना लाइसेंस चल रहा था रेस्टोरेंट इसके बाद टीम नारायण सिंह सर्किल स्थित दुकान पर पहुंची। जहां बिना वैध खाद्य लाइसेंस के रेस्टोरेंट चलता मिला। यहां पिज्जा टॉपिंग, ब्रेड, पाव, फ्रूट कॉकटेल, एमडीएच चना मसाला, बेबी कॉर्न, रेड चिली सॉस, ग्रीन टी, स्वीट कॉर्न और क्रीम सहित कई एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री मिली। इनका उपयोग खाद्य पदार्थ बनाने में किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि रेस्टोरेंट चलाने, खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकिंग करने और समोसा-कचौरी बनाने के लिए जरूरी श्रेणी का वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। इस पर टीम ने रेस्टोरेंट तत्काल बंद करवाया। साथ ही निर्देश दिए कि संबंधित गतिविधियों के लिए वैध लाइसेंस मिलने तक रेस्टोरेंट का संचालन, समोसा-कचौरी निर्माण और खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकिंग नहीं की जाए। इस प्रतिष्ठान से एक्सोटिक डार्क चॉकलेटियर चॉकलेट और काजू पिस्ता रोल के दो नमूने जांच के लिए लिए गए। यहां मिली अवधिपार खाद्य सामग्री भी नष्ट करवाई गई।