बारां जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने मंगलवार को एक निजी स्कूल में कानूनी जागरूकता शिविर को संबोधित किया। 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' के तहत 'सुरक्षित स्थान जहां सपनों को पंख मिले' विषय पर उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा का पहला और मजबूत आधार है। जज टेलर ने जोर दिया कि स्कूलों में शौचालय, पेयजल, खेल मैदान, लैब, लाइब्रेरी और चारदीवारी व्यवस्थाएं ठीक होनी चाहिए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने जुलाई 2025 में झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने की घटना का जिक्र किया, बताया कि समय पर सूचना से हादसा टाला जा सकता था। शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून 2009 के प्रावधानों की भी जानकारी दी। असुरक्षा पर पांच कदम बताए शिक्षक, माता-पिता/SMC को सूचित करें, चाइल्ड लाइन 1098 पर कॉल, DLSA में शिकायत और चोट पर सरकारी अस्पताल जाना। इस अवसर पर मुकेश सैन और राहुल गौतम भी मौजूद थे।