स्टूडेंट्स में विचार-अभिव्यक्ति, तर्कशीलता, रचनात्मकता और जीवन-कौशल विकसित करने के उद्देश्य से बारां में जिला स्तरीय प्रबल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोटा रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में हुए कार्यक्रम में स्टूडेंट्स ने भाषण, आशु भाषण, गायन और लघु नाटक के माध्यम से सोशल मीडिया, एआई, नैतिक मूल्यों, रोजगार, स्वच्छ एवं हरित राजस्थान और पर्यावरण संरक्षण जैसे समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता के छात्र वर्ग में घट्टी के गोलू और छात्रा वर्ग में झरखेड़ी की किरण ने पहला स्थान हासिल किया। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। 21वीं सदी के कौशल विकसित करने पर जोर कार्यालय मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, बारां के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम 21वीं सदी के कौशल और जीवन-कौशल पर आधारित था। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स में संवाद-कौशल, तार्किक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था, ताकि वे बदलते समय की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकें। सोशल मीडिया और एआई से पर्यावरण तक पर रखे विचार कार्यक्रम में स्टूडेंट्स ने किशोर आयु में आधुनिकता, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभाव, नैतिक मूल्यों के संरक्षण तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर जैसे विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा स्वच्छ राजस्थान, हरित राजस्थान और पर्यावरण संरक्षण में किशोरों की भागीदारी जैसे मुद्दों को भी उठाया। स्टूडेंट्स ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गोलू और किरण ने मारी बाजी प्रतियोगिता के छात्र वर्ग में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, घट्टी (किशनगंज) के गोलू ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि पीएम श्री दानमल राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, छीपाबड़ौद के हैदर खान दूसरे स्थान पर रहे। छात्रा वर्ग में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, झरखेड़ी (छबड़ा) की किरण ने पहला और पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, अटरू की नेहा नागर ने दूसरा स्थान हासिल किया। विजेता स्टूडेंट्स को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जीवन-कौशल और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरणा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गेंदा लाल रैगर ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम स्टूडेंट्स को पाठ्य ज्ञान के साथ जीवन-कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर देते हैं। इनके माध्यम से स्टूडेंट्स को जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने, रोजगार के प्रति जागरूक होने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलती है। शिक्षा विभाग के अधिकारी और विद्यार्थी रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल, मनोज खुराना, दशरथ सुवानिया और वेणी प्रसाद वर्मा सहित शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में एपीसी गंगा प्रसाद मीणा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।