बारां में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, विद्यालय शिक्षा जिला बारां का दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को शुरू हुआ। यह सम्मेलन जानकी फोर्ट मैरिज गार्डन, तेल फैक्ट्री में आयोजित किया गया, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा और दीप जलाकर हुई। प्रांतीय संस्कृत प्रमुख रामदास जी महाराज मुख्य अतिथि थे। चित्तौड़ प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह नरेंद्र कंसुरिया मुख्य वक्ता के तौर पर और प्रदेश पर्यवेक्षक पूरणमल नागर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच पर जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल, जिला अध्यक्ष माणक मारन, सम्मेलन संयोजक नरेंद्र मालव और जिला मंत्री कृष्णकांत चौरसिया मौजूद थे। जिला मंत्री कृष्णकांत चौरसिया ने संगठन की गतिविधियों का वार्षिक प्रतिवेदन पेश किया। मुख्य अतिथि रामदास जी महाराज ने सनातन संस्कृति और राष्ट्रबोध पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में संस्कार विकसित करने के लिए काम करने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने संगठन के 'मेरा विद्यालय-मेरा तीर्थ' अभियान की तारीफ की और स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य वक्ता नरेंद्र कंसुरिया ने कहा कि शिक्षक अपने आचरण से राष्ट्र निर्माण करते हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका बताई। प्रदेश उपाध्यक्ष पूरणमल नागर ने जानकारी दी कि संगठन 2.80 लाख सदस्यों के साथ लगातार शिक्षकों के हितों के लिए काम कर रहा है। सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन ललित नागर ने किया।