बाड़मेर जिले की बेटी और चवा गांव की बहू मंजू जागिड़ का चयन संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएन पीसकीपिंग मिशन) के तहत अफ्रीकी देश कांगो में तैनाती के लिए हुआ है। मंजू सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 160 सदस्यीय 19वीं टुकड़ी के साथ दिल्ली से कांगो के लिए रवाना हो चुकी हैं। उन्होंने परिवार और सेवा, दोनों जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। रामसर उपखंड के खड़ीन सोढ़ों की बस्ती में 7 अगस्त 1990 को जन्मी मंजू जागिड़ की शादी अप्रैल 2008 में चवा गांव निवासी ईश्वरलाल जागिड़ के साथ हुई थी। शादी के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2009 में उनकी बड़ी बेटी अनुश्री का जन्म हुआ। दूसरे प्रयास में बीएसएफ में हुआ चयन मंजू ने सेना में भर्ती होने का सपना देखा और लगातार प्रयास किए। दिसंबर 2014 में दूसरे प्रयास में उनका चयन बीएसएफ में कांस्टेबल पद पर हुआ। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी नियुक्ति हुई। वर्ष 2017 में उनकी दूसरी बेटी लक्षिता का जन्म हुआ। परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच मंजू ने दोनों भूमिकाओं को सफलतापूर्वक निभाया और अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटीं। सेना की गाड़ियों को देखकर मिला था प्रेरणा का सपना मंजू के पति ईश्वरलाल जागिड़ ने बताया कि शादी के बाद जब भी मंजू सेना की गाड़ियों को देखती थीं तो अक्सर कहती थीं कि उन्हें भी सेना में भर्ती होना है। इसी जुनून और लगन ने उन्हें बीएसएफ तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि परिवार को हमेशा यह विश्वास रहा कि मंजू देश की सेवा के साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी अच्छे से निभाएंगी। 160 सदस्यीय टीम के साथ कांगो रवाना संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए रवाना हुई बीएसएफ की 19वीं टुकड़ी में कुल 160 सदस्य शामिल हैं। इनमें 24 महिला जवान भी हैं, जिनमें मंजू जागिड़ का नाम भी शामिल है। रेगिस्तान के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली मंजू क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। जिले की पहली महिला बीएसएफ कांस्टेबल मंजू जागिड़ बाड़मेर जिले की पहली महिला बीएसएफ कांस्टेबल हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवाएं देने का अवसर मिला है। उनके पिता मोहन सिंह सुथार शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनके पति ईश्वरलाल जागिड़ बढ़ई का काम करते हैं। साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी तक पहुंचने का उनका सफर क्षेत्र की बेटियों के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। दो बेटियों की मां हैं मंजू मंजू वर्तमान में पश्चिम बंगाल के किशनगंज में बीएसएफ की 87वीं बटालियन में कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। वह चार बहनों और एक भाई में चौथे नंबर पर हैं। उनकी बड़ी बेटी अनुश्री 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है, जबकि छोटी बेटी लक्षिता चौथी कक्षा की छात्रा है। दिल्ली की ऊंट परेड में भी हुई थीं शामिल मंजू जागिड़ जनवरी 2025 में आयोजित दिल्ली ऊंट परेड में भी शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया था।