बाड़मेर में इस साल अप्रैल के महीने ने ही जून जैसी तपिश का अहसास करा दिया है। रविवार को बाड़मेर में गर्मी ने पिछले 12 सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 46.4 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा छू लिया। झुलसाने वाली लू और आसमान से बरसती आग ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। 2014 के बाद पहली बार है कि 26 अप्रैल तक गर्मी का पारा 46.4 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश में सबसे गर्म के साथ ही बाड़मेर की गर्मी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए। रविवार को सुबह के 10 बजे थे लेकिन हवा लू का प्रकोप शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे तक तो सड़कों पर​ निकलना मुश्किल हो गया। भीषण गर्मी के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हुए। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे राहत मिलना मुश्किल हो गया है। दिहाड़ी मजदूरों और फील्ड में काम करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति खतरनाक है। आगे कैसा रहेगा मौसम वेदर रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल माह के अंतिम दिन तक हीट वेव रहेगा। इस दौरान पारा 44 से 46 डिग्री के आसपास रहेगा। तापमान बढ़ने के साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी से बचाव की सलाह दी गई है। 2025 में 45.9 डिग्री था तापमान अप्रैल में गर्मी ने 12 साल का रिकार्ड तोड़ा है। 26 अप्रैल 2025 को बाड़मेर में गर्मी का पारा 45.9 डिग्री था, जबकि इससे पहले 2024 में 42.4, 2023 में 41.2, 2022 में 45.2, 2021 में 43.8, 2020 में 43.0, 2019 में 44.2, 2018 में 45.4, 2017 में 45.8, 2016 में 45.4, 2015 में 44.6 और 2014 में 46.8 डिग्री रहा। 12 साल के इतिहास में 29 अप्रैल 2014 का दिन अब तक गर्म रहा है। हालांकि ऑल टाइम रिकार्ड 25 अप्रैल 1958 का है, जब अप्रैल में गर्मी का पारा 48.3 डिग्री था। रेत गर्मी को जल्दी सोखती है इसलिए बढ़ता है पारा “बाड़मेर थार मरुस्थल का हिस्सा है। यहां की मिट्टी रेतीली है, जो गर्मी को बहुत जल्दी सोख लेती है और उतनी ही तेजी से वातावरण में छोड़ती है। इसलिए पारा बढ़ता है। इन दिनों पाकिस्तान के बलूचिस्तान और सिंध प्रांत से आने वाली अत्यंत गर्म और शुष्क हवाएं (लू) सीधे बाड़मेर में प्रवेश करती हैं। वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर बनने वाला उच्च दबाव हवा को नीचे की ओर दबाता है, तब वो संकुचित होकर और अधिक गर्म हो जाती है।” भास्कर एक्सपर्ट - राधेश्याम शर्मा,, मौसम ​वैज्ञानिक जयपुर