बाड़मेर में वैशाख पूर्णिमा की चांदनी रात में हुई वन्यजीव गणना से इस बार सुखद तस्वीर सामने आई है। वन विभाग के अनुसार जिले में वन्यजीवों की कुल संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 18.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का सकारात्मक असर दिख रहा है और वन्यजीवों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। गणना में सबसे बड़ी बढ़ोतरी काले हिरण (कृष्ण मृग) की संख्या में दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इनकी संख्या केवल 19 थी, जो इस वर्ष बढ़कर 121 तक पहुंच गई है। यह 53.6 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जो वन विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बाड़मेर और बालोतरा में 40 स्थानों पर हुई गणना वन विभाग ने बाड़मेर और बालोतरा क्षेत्र के 40 चिन्हित स्थानों पर वन्यजीव गणना की। यह गणना पारंपरिक वाटर हॉल पद्धति के माध्यम से की गई, जिसमें वन्यजीवों की गतिविधियों को जल स्रोतों के पास ट्रैक किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक लगातार 24 घंटे चली। वन विभाग ने बताया संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत डीएफओ सविता दहिया ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा पर हुई इस गणना में 18.80 प्रतिशत की वृद्धि वन्यजीवन संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से काले हरिणों की संख्या में हुई बढ़ोतरी जिले के लिए अत्यंत सुखद और उत्साहजनक है। राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित अन्य पक्षियों की संख्या में भी बढ़ोतरी पक्षियों की गणना में भी वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या 2990 से बढ़कर 3416 पहुंच गई है। इनमें 1451 नर, 1857 मादा और 143 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा तीतर 296, बगुला 28, बया 36, टिटहरी 106, सैंड ग्राउज 120 और फ्लेमिंगो 128 दर्ज किए गए। रेप्टाइल्स और अन्य वन्यजीवों की स्थिति गणना में 70 सांड, 5 कछुए, 6 स्केल्ड वाइपर और 49 नेवला सहित कुल 486 रेप्टाइल्स देखे गए। पूरी गणना के दौरान कुल 8475 वन्यजीव और पक्षी जल स्रोतों पर पानी पीने के लिए पहुंचे, जो क्षेत्र की जैव विविधता की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। वन्यजीवों की संख्या में इजाफा, सबसे अधिक काले हरिण 53.6 फीसदी बढ़े 2026 में बढ़े वन्यजीव