भास्कर न्यूज | बारां शहर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राकेश गोचर ने गुरुवार को स्वास्थ्य भवन में बैठक लेकर जिला अस्पताल, सभी सीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में गर्मी के मौसम और संभावित हीट वेव को देखते हुए तैयारियों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। गोचर ने संस्थानों को निर्देश दिए कि हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए अलग बेड आरक्षित किए जाएं और उपचार से जुड़ी सुविधाएं तुरंत दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने अस्पतालों में कूलिंग व्यवस्था, ठंडा पानी, बर्फ पैक, ओआरएस, आईवी फ्लूड और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा। मरीजों और उनके परिजनों के लिए पेयजल और छाया की व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। भर्ती मरीजों और परिजनों से फीडबैक लेकर सेवाओं में सुधार करने और नियमित मॉनिटरिंग के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया। बैठक में 108 एंबुलेंस में कूलिंग सुविधा और जरूरी दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा स्टाफ को हीट से जुड़ी बीमारियों के उपचार का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही सभी चिकित्सा संस्थानों में फायर एनओसी, अग्निशमन यंत्रों की स्थिति, स्प्रिंकलर सिस्टम और इमरजेंसी साइन बोर्ड की जांच कराने को कहा गया। नियमित मॉक ड्रिल और इलेक्ट्रिकल ऑडिट को भी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। निशुल्क दवा एवं जांच योजना के तहत दवाओं की उपलब्धता, प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट, लैब मशीनों की स्थिति और केमिकल्स की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। मरीजों को बाहर से दवा लिखने की शिकायतों पर सख्ती से रोक लगाने को कहा गया। जिला अस्पताल के आईसीयू में बेड, वेंटिलेटर, मॉनिटर और डिफिब्रिलेटर सहित उपकरणों और स्टाफ की उपलब्धता का गैप एनालिसिस करने के निर्देश भी दिए गए। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के तहत डेंगू और मलेरिया नियंत्रण, लार्वा सर्वे, ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की उपलब्धता और आईडीएसपी पोर्टल पर डेटा अपडेट की समीक्षा के निर्देश दिए गए। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हाई रिस्क क्षेत्रों में कैंप लगाकर जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में पीएमओ डॉ. नरेंद्र मेघवाल, आरसीएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. निशांत सैनी और डीपीएम एनएचएम दिलीप शर्मा मौजूद रहे।