मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत ब्यावर जिला प्रदेश में नवाचार का अग्रणी उदाहरण बनकर उभरा है। जिला प्रशासन द्वारा चयनित 5 मॉडल ग्राम पंचायतों मोठी (बदनोर), खरवा (मसूदा), नरबदखेड़ा (जवाजा), कुशालपुरा (रायपुर) और गरनिया (जैतारण) में शनिवार को हैंड्स-ऑन गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इस प्रकार का अभिनव प्रयोग करने वाला ब्यावर प्रदेश का पहला जिला बन गया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट और एसीईओ डॉ. गोपाल लाल मीणा ने ग्राम पंचायत खरवा का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान ग्राम स्तर पर डेटा संकलन, डिजिटल मैपिंग, जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा मास्टर प्लान निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। जिला कलेक्टर कमल राम मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्यावर जिला निर्धारित समय-सीमा से पूर्व ही प्रोएक्टिव मोड में कार्य करते हुए अभियान को गति दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीम इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने में जुटी हुई है। इस कार्यक्रम में उपखंड एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों, कार्मिकों एवं ग्राम विकास अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्हें विभिन्न घटकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।अधिकारियों के अनुसार, मॉडल ग्राम पंचायतों में प्राप्त अनुभवों के आधार पर अन्य पंचायतों में भी इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों के सुझावों को प्राथमिकता देते हुए विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने समन्वय, पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष बल दिया। सभी कार्मिकों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन इस पहल के माध्यम से गांवों के समग्र, सुनियोजित एवं समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार का यह अभियान 19 मार्च 2026 से 15 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक गांवों एवं शहरी वार्डों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है। इसके तहत डिजिटल मैपिंग के माध्यम से अल्पकालीन (2030), मध्यमकालीन (2035) एवं दीर्घकालीन (2047) लक्ष्यों के अनुरूप मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं।