भरतपुर के आरबीएम अस्पताल से पुलिस निगरानी में भर्ती दो नामजद आरोपी 19 जुलाई को पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए। मामले में कार्रवाई करते हुए डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने देर रात ड्यूटी पर तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया। दोनों आरोपी 17 जुलाई को डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र में हुए फायरिंग के मामले में नामजद थे और उनके पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 4 बीघा जमीन को लेकर हुआ था विवाद, दोनों पक्षों में चली गोलियां एडिशनल एसपी दिनेश यादव ने बताया कि 17 जुलाई को बरौली धाऊ गांव में पूर्व सरपंच विजेंद्र गुर्जर और गिरीश के बीच 4 बीघा जमीन को लेकर विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने मकानों की छत पर चढ़ गए और एक-दूसरे पर फायरिंग शुरू कर दी। चार लोग घायल हुए, दो आरोपियों के पैर में लगी गोली फायरिंग की घटना में एक पक्ष से गिरीश, कीरत और घनश्याम घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष से दिलीप और वीरेंद्र घायल हो गए। दिलीप और वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि गिरीश पक्ष की फायरिंग में उनके पैर में गोली लगी थी। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए भरतपुर के आरबीएम अस्पताल के हड्डी वार्ड में भर्ती कराया गया। पुलिस को चकमा देकर भागे, बाद में खुद अस्पताल लौटे दोनों आरोपियों की निगरानी के लिए हेड कांस्टेबल शिवराम और कांस्टेबल राजन को तैनात किया गया था। इसी दौरान दिलीप और वीरेंद्र पुलिसकर्मियों को झांसा देकर अस्पताल से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने दोनों के घरों पर दबिश दी। इसके बाद दोनों आरोपी खुद ही वापस आरबीएम अस्पताल पहुंच गए। मामले में लापरवाही मानते हुए डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।