भरतपुर के सेवर जेल में शनिवार को सत्संग और कीर्तन कार्यक्रम हुआ, जिसमें करीब 300 बंदी शामिल हुए। वृंदावन से आई इस्कॉन टीम ने बंदियों को उपदेश दिया और भगवान के गीतों पर कीर्तन कराया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों को खिचड़ी का प्रसाद और नाम जप के लिए माला भी बांटी गई। जेल में हुआ सत्संग और कीर्तन सेवर जेल के सुपरिटेंडेंट परमजीत सिंह सिंधु ने बताया कि वृंदावन के इस्कॉन टेम्पल से द्विजराज दास और उनकी टीम जेल पहुंची। टीम ने बंदियों के बीच सत्संग और कीर्तन कराया और उन्हें जीवन से जुड़ी बातें बताईं। बंदियों को अच्छे रास्ते पर चलने का संदेश सत्संग का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक माहौल बनाना और उन्हें गलत रास्तों से हटकर सही दिशा में चलने के लिए प्रेरित करना रहा। अधिकारियों के अनुसार ऐसे कार्यक्रम से जेल में अनुशासन बनाए रखने में भी मदद मिलती है। भगवान के गीतों पर कैदी नाचे कार्यक्रम के दौरान भगवान के गीतों पर बंदियों ने भाग लिया और कीर्तन में शामिल हुए। बंदियों की पहले से मांग थी कि इस तरह के कार्यक्रम जेल में आयोजित किए जाएं। प्रसाद और माला का वितरण वृंदावन से आई टीम अपने साथ खिचड़ी का प्रसाद लेकर आई थी, जिसे बंदियों में बांटा गया। साथ ही नाम जप के लिए मालाएं भी दी गईं, ताकि बंदी नियमित रूप से इसका उपयोग कर सकें।